सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर “जलवायु कार्रवाई” (Climate Action) विषय के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सभी 450 आंगनवाड़ी केन्द्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर इस दिवस को उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पौधारोपण अभियान, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं तथा चित्रकला प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रमों के दौरान मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment) के सात प्रमुख विषयों—ऊर्जा बचाएं, जल बचाएं, एकल-उपयोग प्लास्टिक को ना कहें, सतत खाद्य प्रणालियों को अपनाएं, अपशिष्ट कम करें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तथा ई-कचरा कम करें—के बारे में व्यापक जागरूकता फैलायी गई। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सतत जीवनशैली अपनाने तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।
पौधारोपण अभियान के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों के परिसरों तथा आसपास के सामुदायिक क्षेत्रों में पौधे लगाए गए ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके तथा हरित आवरण में वृद्धि हो। चित्रकला प्रतियोगिताओं ने बच्चों को प्रकृति संरक्षण संबंधी अपने विचारों को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया, जबकि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास से संबंधित विषयों पर उनकी जानकारी को सुदृढ़ किया गया।
विभाग ने आंगनवाड़ी नेटवर्क के माध्यम से बच्चों, महिलाओं तथा समुदायों में पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विभाग ने इस बात पर बल दिया कि सार्थक जलवायु कार्रवाई छोटे-छोटे व्यवहारगत परिवर्तनों और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
सभी 450 आंगनवाड़ी केन्द्रों में विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के साथ पर्यावरणीय चेतना को एकीकृत करने की दिशा में विभाग के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। यह पहल स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


