भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) के डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने ‘भाषिणी फॉर सेवा/संचालन’ पहल के माध्यम से समावेशी बैंकिंग तथा नागरिक-केंद्रित वित्तीय सेवाओं के लिए बहुभाषी एआई आधारित समाधानों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सहयोग हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन पर डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अमिताभ नाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के डिजिटल बैंकिंग रूपांतरण प्रभाग के मुख्य महाप्रबंधक (डिजिटल) श्री अतिश कुमार राउत ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का उद्देश्य पंजाब नेशनल बैंक के डिजिटल बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र में एआई-संचालित भाषा प्रौद्योगिकियों को एकीकृत कर भाषिणी के स्वदेशी बहुभाषी एआई पारिस्थितिकी तंत्र का उपयोग करते हुए भाषा-समावेशी बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस साझेदारी के माध्यम से ग्राहक अपनी पसंदीदा भारतीय भाषाओं में बैंकिंग संबंधी जानकारी, डिजिटल मंचों और सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे, जिससे बैंकिंग अधिक सुलभ, सहज और समावेशी बनेगी। साथ ही, ग्राहकों के अनुभव में सुधार होगा और वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।
समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों संगठन भाषिणी उद्यात, मित्र, ऐपमित्र, प्रवक्ता और भाषादान के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक के डिजिटल मंचों और सेवाओं में बहुभाषी एआई क्षमताओं के एकीकरण हेतु सहयोग करेंगे। यह साझेदारी भाषिणी के भाषा अनुवाद एपीआई तथा संदर्भ अनुप्रयोगों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं तक बहुभाषी पहुँच उपलब्ध कराएगी, क्षेत्र-विशिष्ट भाषा मॉडल और बैंकिंग शब्दावली विकसित करेगी, एआई-संचालित भाषा उपकरणों के माध्यम से बहुभाषी संचार और प्रलेखन को सुदृढ़ करेगी, भाषा प्रौद्योगिकियों के निरंतर उन्नयन के लिए भाषाई डेटा के योगदान को प्रोत्साहित करेगी तथा बहुभाषी डिजिटल बैंकिंग समाधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उपयोग को बढ़ावा देगी।
यह सहयोग पंजाब नेशनल बैंक के डिजिटल माध्यमों में भाषिणी की भाषा प्रौद्योगिकियों के एकीकरण को भी समर्थन देगा, जिससे ग्राहकों और बैंकिंग सेवाओं के बीच निर्बाध बहुभाषी संवाद संभव हो सकेगा। भाषा संबंधी बाधाओं को कम कर तथा डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाकर यह साझेदारी ग्राहक सहभागिता को सुदृढ़ करने, विविध भाषाई समुदायों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच का विस्तार करने तथा भारत सरकार के समावेशी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विज़न को साकार करने में योगदान देने का लक्ष्य रखती है।
इस साझेदारी से बैंकिंग क्षेत्र में बहुभाषी एआई के उपयोग को गति मिलने, एआई-सक्षम वित्तीय सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा मिलने तथा ऐसी सुलभ और नागरिक-केंद्रित डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विकास को समर्थन मिलने की अपेक्षा है, जो प्रत्येक ग्राहक को अपनी पसंद की भाषा में आत्मविश्वास के साथ बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम बनाए।
पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री एम. परमशिवम् ने कहा, “भाषिणी और पंजाब नेशनल बैंक के बीच यह सहयोग दर्शाता है कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना किस प्रकार विभिन्न क्षेत्रों में समावेशी डिजिटल परिवर्तन को गति दे सकती है। बहुभाषी एआई को सार्वजनिक सेवा प्रदायगी के साथ जोड़कर यह पहल भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने में सहायक होगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ देशभर के लोगों के लिए अधिक सुलभ, समान और नागरिक-अनुकूल बनें।”
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अमिताभ नाग ने कहा, “आवश्यक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच में भाषा कभी भी बाधा नहीं बननी चाहिए। पंजाब नेशनल बैंक के साथ इस साझेदारी के माध्यम से हम भाषिणी के वॉयस-फर्स्ट बहुभाषी बैंकिंग प्रणाली के विज़न को आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ प्रत्येक हितधारक के साथ संवाद बहुभाषी और वॉयस-फर्स्ट होगा। बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र में भाषिणी की एआई-संचालित भाषा प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करके हम समावेशी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं, जिससे नागरिक अपनी पसंदीदा भारतीय भाषा में निर्बाध रूप से वित्तीय सेवाओं का लाभ उठा सकें। यह सहयोग डिजिटल बैंकिंग को अधिक सहज, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।”
पंजाब नेशनल बैंक के डिजिटल बैंकिंग रूपांतरण प्रभाग के मुख्य महाप्रबंधक (डिजिटल) श्री अतिश कुमार राउत ने कहा, “पंजाब नेशनल बैंक सुलभ, सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के साथ हमारा यह सहयोग हमें अत्याधुनिक बहुभाषी एआई प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में सक्षम बनाएगा, जिससे हमारे डिजिटल मंच विविध भाषाई पृष्ठभूमि वाले ग्राहकों के लिए अधिक समावेशी और उपयोग में अधिक सरल बनेंगे।”
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) के बारे में:
डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी), एआई-संचालित बहुभाषी डिजिटल समावेशन और भाषा प्रौद्योगिकी के लिए भारत की राष्ट्रीय पहल है। राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी केंद्र (एनएचएलटी) के माध्यम से भाषिणी 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को भाषा प्रौद्योगिकी से सशक्त बना रहा है, 8 अरब से अधिक एआई आधारित निष्कर्षण (एआई इन्फरेंस) सक्षम कर चुका है, प्रतिदिन 2 करोड़ से अधिक एआई इन्फरेंस संसाधित करता है और 36 भारतीय पाठ्य भाषाओं, 23 भारतीय वाक् भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन करता है। डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) अनुसंधान, मुक्त नवाचार, डेटासेट, स्टार्टअप तथा शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से भी बहुभाषी एआई को आगे बढ़ा रहा है, जिससे भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) सुदृढ़ हो रही है।


