
पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक, यू.टी. चंडीगढ़, श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज सुखना लेक पर ‘नशे के खिलाफ वॉकाथॉन’ (Walkathon Against Addiction) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने और चंडीगढ़ को एक स्वस्थ व नशामुक्त शहर बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त व निरंतर प्रयासों का आह्वान किया। यह वॉकाथॉन चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर प्रशासक के साथ गृह सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़; वित्त सचिव श्री दिप्रवा लाकड़ा; समाज कल्याण सचिव श्री हरप्रीत सिंह सूदन; मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन श्री सौरभ कुमार; तथा समाज कल्याण निदेशक श्री नवीन रत्तू उपस्थित रहे।
प्रशासक ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार, परिवारों, समुदायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के बीच अधिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया और युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा सकारात्मक विकल्प चुनने का आग्रह किया।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘नशा मुक्त भारत प्रतिज्ञा’ के साथ हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और चंडीगढ़ को एक सुरक्षित व स्वस्थ शहर बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण चंडीगढ़ की खेल हस्तियों को उनकी उपलब्धियों तथा युवाओं के लिए सकारात्मक रोल मॉडल बनने के लिए सम्मानित करना रहा। सम्मानित होने वालों में अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी सुश्री एंगल यादव; अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज सुश्री संयम; अंतरराष्ट्रीय तलवारबाजी खिलाड़ी सुश्री प्रांशी अरोड़ा; अंतरराष्ट्रीय तलवारबाजी खिलाड़ी सुश्री यशकीरत कौर हेयर; और मुक्केबाज सुश्री गुरसीरत कौर शामिल रहीं।
स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस और खेल विभाग के प्रतिभागियों के साथ-साथ अन्य हितधारकों ने भी इस वॉकाथॉन में भाग लिया। ‘नशे के खिलाफ वॉक’ का संदेश लेकर सभी प्रतिभागी नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध एक मजबूत और एकजुट संदेश देने के लिए एक साथ आगे आए।


