उद्योग विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ ने एमएसएमई डेवलपमेंट एंड फैसिलिटेशन ऑफिस (डीएफओ), लुधियाना के सहयोग से सोमवार को गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, सेक्टर-10-डी, चंडीगढ़ में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को निर्यात के अवसरों के बारे में जानकारी देना तथा औपचारिक व्यवसाय पंजीकरण और वित्तीय समावेशन के महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के दौरान कारीगरों को आधार आधारित उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा 12 लाभार्थियों के उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र मौके पर ही बनवाए गए। इसके अतिरिक्त, 13 प्रतिभागियों के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) खाते खोले गए तथा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराए गए।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की बिक्री, उद्यमिता विकास, बाजार से जुड़ाव के अवसरों तथा डिजिटल लेनदेन के लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई।
उद्योग विभाग पारंपरिक कारीगरों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, डिजिटल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा उन्हें घरेलू और निर्यात बाजारों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित कर रहा है।


