राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को जीवन बचाने में स्वैच्छिक रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को रेखांकित करना और रक्त की सुरक्षित, पर्याप्त एवं निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकाधिक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना भी है। इस वर्ष का विषय है—“मानवता की एक बूंद। रक्तदान करें, जीवन बचाएं।”
इस अवसर पर दो स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। पहला शिविर गवर्नमेंट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच), सेक्टर-16 के ब्लड सेंटर में सीआरपीएफ की 13वीं एवं 51वीं बटालियन के सहयोग से लगाया गया। दूसरा शिविर पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय में सीआईएसएफ यूनिट द्वारा आयोजित किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ की निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने शिविर का उद्घाटन किया और नियमित रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए जीवन बचाने में उनके अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने पर्याप्त रक्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं और सामुदायिक सहभागिता—जन भागीदारी—के माध्यम से नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे गंभीर एनीमिया, कैंसर और थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों तथा प्रसूति संबंधी जरूरतों और दुर्घटनाओं के मामलों में मरीजों का जीवन बचाने में मदद मिलती है।
डॉ. सिमरजीत कौर गिल, प्रभारी, ब्लड सेंटर, जीएमएसएच-16 के पर्यवेक्षण में जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं से 60 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।


