नाईपर, एस.ए.एस. नगर में दिनांक 14.09.2026 से 28.09.2026 तक हिंदी पखवाड़ा आयोजित किया गया। इस अवधि के दौरान हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
हिंदी पखवाड़ा के समापन अवसर पर आज दिनांक 28.09.2026 को नाईपर, एस.ए.एस. नगर में समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रो. दुलाल पांडा, निदेशक, नाईपर; प्रो. के.बी. टिक्कू, डीन तथा विंग कमांडर (से.नि.) पी.जे.पी. सिंह वडैच, कुलसचिव, सहित संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ। कार्यकारी राजभाषा अधिकारी श्री मनोज तिवारी ने वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन एवं प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके उपरांत हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
समारोह के दौरान कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री विनोद कुमार, वैज्ञानिक; श्री आशु कुमार, आशुलिपिक; श्री जी. मुरुगेसन, तकनीकी सहायक; तथा आउटसोर्स कर्मचारी श्री भूपिंदर सिंह को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रो. संयोग जैन, डॉ. भुवन भूषण मिश्रा एवं डॉ. आशुतोष कुमार को हिंदी में वैज्ञानिक व्याख्यान देने के लिए सम्मानित किया गया।
प्रो. पांडा ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि हिंदी भाषा हमारे दैनिक जीवन में आनंद का संचार करती है। उन्होंने दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही, उन्होंने वैज्ञानिक साहित्य का हिंदी में अनुवाद करने के महत्व पर भी जोर दिया।
प्रो. के.बी. टिक्कू ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए नए प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हिंदी हम सभी को जोड़ने का कार्य करती है तथा गूगल ट्रांसलेटर जैसी तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से भाषा संबंधी बाधाएं निरंतर कम हो रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागी भविष्य में संस्थान में आयोजित होने वाले हिंदी पखवाड़ों में अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को भी भाग लेने के लिए प्रेरित करने में ‘हिंदी के राजदूत’ की भूमिका निभाएं।
विंग कमांडर (से.नि.) पी.जे.पी. सिंह वडैच ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि हिंदी भाषी न होने वाले अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी भी आगे आकर हिंदी पखवाड़ा की विभिन्न प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने इस बात की सराहना की कि संस्थान के कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रतियोगिताओं में भाग लिया तथा पुरस्कार प्राप्त किए। उन्होंने हिंदी पखवाड़ा के सफल आयोजन में कार्यकारी हिंदी अधिकारी, हिंदी अनुवादक तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाली पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह के अंत में हिंदी पखवाड़ा का सफलतापूर्वक समापन हुआ।


