चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, ने आज प्रशासनिक सचिवों और सभी विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न लंबित एवं जारी मामलों की प्रगति तथा विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों को बजट आवंटन का प्रभावी और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वित्तीय वर्ष के अंत में कोई भी धनराशि अप्रयुक्त न रहे अथवा लैप्स न हो। उन्होंने व्यय की समय पर योजना बनाने, उसे लागू करने और नियमित निगरानी पर जोर दिया, ताकि आवंटित धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सके।
मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन कार्यरत निगमों, बोर्डों और सोसायटियों के खातों का उचित रखरखाव तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित निदेशक मंडलों की बैठकें निर्धारित नियमों के अनुसार आयोजित की जाएं तथा वार्षिक रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाएं।
शहर में नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने नगर निगम, चंडीगढ़ को विभिन्न स्थानों पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समयबद्ध तरीके से मरम्मत कर उन्हें चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने निवासियों के लिए पर्याप्त रोशनी और बेहतर नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र कार्रवाई पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं को उनकी मूल भावना और उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के परिणामों की प्रभावी निगरानी तथा उनके क्रियान्वयन से संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने चंडीगढ़ में नशा मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया। अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में गृह सचिव श्री मंदीप सिंह बराड़; वित्त सचिव श्री दीपरवा लाकड़ा; मुख्य वन संरक्षक श्री सौरभ कुमार; नगर निगम के विशेष आयुक्त श्री हरप्रीत सिंह सूदन; डीआईजी श्री राजीव रंजन सिंह तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


