पंजाब के राज्यपाल और U.T. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज नगर निगम चंडीगढ़ की “स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2026” पहल की शुरुआत की। उन्होंने स्वच्छता को एक स्थायी जन-आंदोलन बनाने के लिए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, आरडब्ल्यूए (RWAs), मार्केट एसोसिएशनों, शिक्षण संस्थानों और अन्य हितधारकों से मिलकर प्रयास करने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ‘स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2026’ केवल वार्डों के बीच कोई मुकाबला नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ में जवाबदेही, जनभागीदारी, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन की नई संस्कृति विकसित करने की एक पहल है। उन्होंने कहा कि “सिटी ब्यूटीफुल” (City Beautiful) की पहचान केवल इसकी वास्तुकला, हरियाली, चौड़ी सड़कों और सुनियोजित सेक्टरों से ही नहीं है, बल्कि उतनी ही स्वच्छता, नागरिक अनुशासन और सार्वजनिक जगहों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार से भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चंडीगढ़ की सुंदरता एक विरासत है, और इसे संवारना व आगे बढ़ाना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने कहा कि कोई भी शहर अपने आप साफ नहीं होता; लगातार साफ-सफाई बनाए रखने के लिए नगर निगम, सफाई कर्मचारियों और नागरिकों के साझे प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे घर पर ही सूखा और गीला कचरा अलग करने (सोर्स सेग्रीगेशन), जिम्मेदारी से कचरा फेंकने और सार्वजनिक जगहों को साफ रखने को अपनी रोजमर्रा की आदत बनाएं।
महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे निजी संस्कार और सामाजिक आदत बनना होगा। उन्होंने कचरा कम करने (Reduce), दोबारा उपयोग करने (Reuse) और रीसायकल (Recycle) करने के सिद्धांतों को बड़े पैमाने पर अपनाने, खाद बनाने, ‘कचरे से कंचन’ (वेस्ट टू वेल्थ) और सर्कुलर इकोनॉमी की सोच को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि डंपिंग ग्राउंड तक कम से कम कचरा पहुंचे।
श्री कटारिया ने बताया कि ‘स्वच्छ वार्ड रैंकिंग’ स्वच्छता के मूल्यांकन को सीधे वार्ड, मोहल्ले, बाजार, पार्क, गली और घर के स्तर तक ले जाएगी। उन्होंने इसके पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन ढांचे की सराहना की, जिसमें घर-घर से कचरा उठाना, कचरे का अलग-अलग किया जाना, सार्वजनिक स्थानों की सफाई, बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वालों का प्रबंधन, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक, सार्वजनिक शौचालय, जीरो-वेस्ट पहल, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रैंकिंग में कचरा पैदा होने से लेकर उसके उठान, छंटाई, ढुलाई, रीसाइक्लिंग और अंतिम निपटान तक की पूरी प्रक्रिया का आकलन होना चाहिए, और यह सिर्फ कागजों या तस्वीरों तक सीमित न रहकर ज़मीनी नतीजों पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने नगर निगम चंडीगढ़ को निर्देश दिया कि यदि हर महीने यह रैंकिंग संभव न हो, तो इसे साल में कम से कम दो बार आयोजित करने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
राज्यपाल ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने वार्ड में इस अभियान की मुख्य धुरी बनें और अधिकारियों, सफाई कर्मियों, आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशनों, स्कूलों, युवा संगठनों और नागरिकों को एक साथ लाएं। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों से छात्रों को “स्वच्छता एंबेसडर” बनाने को कहा, ताकि वे सही कचरा प्रबंधन का संदेश अपने घरों और समाज तक पहुंचा सकें। सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी गरिमा, सुरक्षा, प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए, साथ ही जोखिम भरे सफाई कार्यों के लिए मशीनों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ना चाहिए।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के महत्व पर बात करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण और सेहत एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने साफ और सुलभ सार्वजनिक शौचालयों, जीरो-वेस्ट आयोजनों, भोजन की बर्बादी रोकने और बाजारों, संस्थानों, सोसायटियों, होटलों तथा रेस्टोरेंटों से अधिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक साफ वार्ड का असली पुरस्कार सिर्फ कोई रैंकिंग या इनाम नहीं है, बल्कि साफ सड़कें, खूबसूरत पार्क, स्वच्छ बाजार, बेहतर पर्यावरण और ऐसा वार्ड है जिस पर हर नागरिक गर्व कर सके।
राज्यपाल ने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले ‘प्लैटिनम वार्डों’ के लिए तय प्रोत्साहन राशि की भी सराहना की, जिसके तहत पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले वार्डों को क्रमशः ₹50 लाख, ₹30 लाख और ₹20 लाख के विकास अनुदान दिए जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इससे वार्डों में स्वस्थ मुकाबला बढ़ेगा और अच्छे कार्यों को अन्य वार्डों में भी लागू किया जा सकेगा।
शहर के मेयर श्री सौरभ जोशी ने कहा कि ‘स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2026’ की शुरुआत स्वच्छता को वार्ड स्तर पर जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि हर वार्ड की अपनी चुनौतियां हैं और यह नई रैंकिंग प्रणाली पार्षदों, स्थानीय निवासियों, आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशनों और स्थानीय लोगों को साथ मिलकर समस्याओं की पहचान करने और व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी गलियों, पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों को अपने घर की तरह समझें और स्वच्छता को आत्मसम्मान का विषय बनाएं।
उन्होंने बताया कि यह एक महीने की प्रतियोगिता आज से शुरू हो गई है और इसका समापन 2 अक्टूबर 2026 को विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा।
मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी योजनाबद्ध बनावट, हरियाली और नागरिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है, और अब सबकी साझी जिम्मेदारी है कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और सक्रिय जनभागीदारी से इस पहचान को और मजबूत किया जाए। उन्होंने नगर निगम के पारदर्शी प्रयासों की तारीफ की और कहा कि इसकी सफलता अंततः हर नागरिक की भागीदारी पर निर्भर करेगी। उन्होंने सभी पार्षदों से अपने वार्डों में आगे बढ़कर नेतृत्व करने और सफाई कर्मियों व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार (IAS) ने मुख्य अतिथि श्री गुलाब चंद कटारिया और अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि नगर निगम स्वच्छता को मापने योग्य, पारदर्शी, सहभागी और परिणाम-आधारित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2026’ के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी वार्डों का मूल्यांकन 1,000 अंकों और 55 मानकों के एक तय ढांचे के जरिए किया जाएगा, जिसमें स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन के सभी पहलू शामिल हैं। इससे वार्ड स्तर पर कमियों को पहचानने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और एक-दूसरे के बेहतरीन तौर-तरीकों को अपनाने में मदद मिलेगी।
आयुक्त ने ‘स्कूल स्टार अवार्ड्स’ (School Star Awards) पहल के बारे में भी बताया, जिसका मकसद स्वच्छता, कचरा अलग करने, पर्यावरण संरक्षण और छात्रों की भागीदारी में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्कूलों को सम्मानित करना है। उन्होंने बताया कि पहले स्थान पर रहने वाले स्कूलों को ₹51,000, दूसरे स्थान के लिए ₹31,000 और तीसरे स्थान के लिए ₹21,000 का नकद पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा बदलाव के सबसे बड़े माध्यम हैं और निगम शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहता है जो स्वच्छता को सिर्फ कर्तव्य नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली समझे। उन्होंने सभी हितधारकों का आभार जताया और दोहराया कि नगर निगम चंडीगढ़ को टिकाऊ शहरी कचरा प्रबंधन का मॉडल बनाने के लिए काम करता रहेगा।
इलाका पार्षद श्री योगेश ढींगरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, राज्यपाल एवं प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ‘स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2026’ और ‘स्कूल स्टार अवार्ड्स’ शुरू करने के लिए नगर निगम की सराहना की और कहा कि इससे वार्ड, स्कूल और आम नागरिक बेहतर सफाई अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशनों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों का भी धन्यवाद किया।
इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ के गृह सचिव-सह-स्थानीय निकाय सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़ (IAS), डिप्टी मेयर श्रीमती सुमन शर्मा, अन्य पार्षद, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि, आरडब्ल्यूए व मार्केट एसोसिएशनों के पदाधिकारी, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।


