श्री निशांत यादव, आईएएस, आबकारी एवं कराधान आयुक्त, यूटी चंडीगढ़ के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के तहत आबकारी विभाग ने पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों तथा यूटी चंडीगढ़ की आबकारी नीति 2026-27 के प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु प्रवर्तन गतिविधियों को और अधिक सख्त किया है।
हाल ही में यह पाया गया कि एक खुदरा शराब लाइसेंसधारी द्वारा “स्मिरनॉफ मिंटी जामुन वोडका” को बर्फ के गोलों (चुस्की) के साथ मिलाकर अनधिकृत रूप से आम जनता को लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर, इंटरनल मार्केट, सेक्टर-9, चंडीगढ़ में परोसा जा रहा था।
इस संबंध में कलेक्टर (आबकारी) श्री प्रद्युमन सिंह द्वारा लाइसेंसधारी एम/एस बजाज स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड, इंटरनल मार्केट, सेक्टर-9, चंडीगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मामले पर विचारोपरांत कलेक्टर (आबकारी) द्वारा लाइसेंसधारी पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अन्य मामले में एम/एस कैंदल हॉस्पिटैलिटी, एससीओ-11, सेक्टर-7, चंडीगढ़ का बार लाइसेंस पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिया गया है।
आबकारी विभाग यूटी चंडीगढ़ में पारदर्शी, विधिसम्मत एवं सुव्यवस्थित आबकारी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शराब की अनधिकृत बिक्री, परोसने, भंडारण, परिवहन अथवा दुरुपयोग में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या लाइसेंसधारी के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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