हरियाणा सुपर-100 अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2015 में उनकी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से मेरिट को मिशन बनाया। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य था कि प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी को उसकी योग्यता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना खर्ची, बिना पर्ची के सिद्धांत पर सरकारी नौकरियां देने की व्यवस्था लागू की तथा योग्यता के आधार पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रतिभा और मेहनत को ही सफलता का आधार बनाया।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार और श्री नवीन मिश्रा के संयुक्त प्रयासों से सुपर-100 योजना की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में उनकी सरकार ने योग्यता के आधार पर 18,218 सरकारी नौकरियां प्रदान कीं, जो पारदर्शी एवं मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था का प्रमाण है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि सुपर-100 कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 534 विद्यार्थियों ने IIT एवं NEET जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर हरियाणा का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा सरकार की दूरदर्शी पहल का परिणाम बताया।केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उनके अभिभावकों को भी इस सफलता पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुपर-100 योजना आगे भी हरियाणा के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देती रहेगी। उन्होंने कहा की सरकार ने गांव गांव मे लाइब्रेरी खोलने का संकल्प लिया है।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय दहिया, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव,महानिदेशक जितेंद्र दहिया, महानिदेशक सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग के एम पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय, विकल्प फाउंडेशन के संस्थापक नवीन मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


