समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के तत्वावधान में राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसी (SARA) द्वारा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 पर राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 25 अगस्त, 2026 को यू.टी. स्टेट गेस्ट हाउस, सेक्टर-6, चंडीगढ़ में किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री हरप्रीत सिंह सूडान, सचिव, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, चंडीगढ़ प्रशासन ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री नवीन रट्टू, निदेशक, समाज कल्याण तथा सुश्री बिस्मन आहूजा, कार्यक्रम प्रबंधक, यूटीसीपीएस भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ताओं में CARA के वरिष्ठ डेवलपर श्री शिवान त्यागी, बाल कल्याण समिति की विशेषज्ञ सुश्री चारु मक्कर तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श विशेषज्ञ डॉ. मैथिली हजारिका शामिल रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने मुख्य संबोधन में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में CARA द्वारा दिए जा रहे निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐसा जीवन-परिवर्तनकारी कार्य है, जो बच्चे के परिवार, प्रेम और पहचान के अधिकार को पुनर्स्थापित करता है। उन्होंने विशेष रूप से बाल तस्करी से संबंधित चिंताओं पर जोर देते हुए दत्तक ग्रहण प्रक्रिया से जुड़े सभी हितधारकों द्वारा निरंतर सतर्कता और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अपहरण, अवैध हस्तांतरण, शोषण अथवा तस्करी जैसे संभावित जोखिमों से बचाने के लिए निर्धारित कानूनी एवं प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से बच्चों और दत्तक ग्रहण से संबंधित किसी भी संदिग्ध अथवा गैर-कानूनी गतिविधि की पहचान कर उसकी सूचना देने के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दत्तक ग्रहण करने वाले अभिभावकों के अनुभवों पर आधारित एक वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़े बच्चों के दत्तक ग्रहण की परिवर्तनकारी यात्रा तथा बच्चों के लिए परिवार-आधारित देखभाल के महत्व को दर्शाया गया। इस अवसर पर कानूनी दत्तक ग्रहण से संबंधित सन-बोर्ड भी जारी किए गए, जिनका उद्देश्य आम जनता को कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया तथा अवैध दत्तक ग्रहण प्रथाओं के लिए निर्धारित दंड के बारे में जागरूक करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में दत्तक ग्रहण विनियम, बच्चों की पहचान, परिवार-आधारित देखभाल के प्रति संस्थागत दायित्व तथा बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी की भूमिका पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, दत्तक ग्रहण एवं परामर्श के सिद्धांतों, बच्चों तथा भावी दत्तक अभिभावकों (PAPs) को मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से CARINGS पर एक समर्पित सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को डिजिटल दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा विशेषज्ञों, विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी, बाल देखभाल संस्थानों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 से जुड़े 58 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।


