गृह सचिव-सह-सचिव, स्थानीय सरकार, यू.टी. चंडीगढ़, श्री मन्दीप सिंह बराड़, आईएएस ने आज नगर निगम चंडीगढ़ को पारदर्शिता, परियोजनाओं की निगरानी तथा नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को नगर निगम और चंडीगढ़ प्रशासन की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं के स्थलों पर उचित सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इन बोर्डों पर कार्य का नाम, कार्यान्वयन एजेंसी/ठेकेदार, कार्य आवंटन एवं आरंभ होने की तिथि, निर्धारित तथा वास्तविक/संशोधित पूर्णता तिथि, अनुमानित लागत, वर्तमान भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा प्रमुख समस्याओं अथवा बाधाओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
गृह सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि नगर निगम और सामान्य प्रशासन के अधिकारी संबंधित सेक्टर समितियों के साथ हर महीने संयुक्त निरीक्षण करें। पूरे शहर को 18 जोन में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन का निरीक्षण एक वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कचरा उठाने और साफ-सफाई, सड़कों की सफाई, कारपेटिंग एवं गड्ढों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटों की कार्यशील स्थिति, पानी का रिसाव, पार्किंग संबंधी समस्याएं, अवैध वेंडिंग, अनधिकृत एवं अवैध अतिक्रमण, पार्कों की स्वच्छता तथा सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव की जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पाई गई किसी भी कमी को शीघ्र दूर किया जाएगा और इसकी निगरानी आयुक्त एवं विशेष आयुक्त के स्तर पर की जाएगी।
तकनीक आधारित सेवा वितरण की समीक्षा करते हुए गृह सचिव ने निर्देश दिया कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़ी नागरिक-केंद्रित तथा राजस्व अर्जित करने वाली सेवाओं की विभागवार समीक्षा की जाए। संबंधित विभागों को निगरानी की जा रही सेवाओं, उनकी राजस्व क्षमता, वर्तमान राजस्व संग्रह तथा प्रस्तावित राजस्व-सृजन मॉडल का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
पर्यावरण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देते हुए गृह सचिव ने दादूमाजरा में पौधारोपण और लैंडस्केपिंग गतिविधियों की गहन निगरानी के निर्देश दिए। अधिकारियों को मशीनरी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने, पौधारोपण के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने, पौधों की उत्तरजीविता एवं उचित रखरखाव, नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण तथा व्यवस्थित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।


