हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य में गिरते लिंगानुपात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भ्रूण लिंग जांच करने और करवाने वालों के खिलाफ निर्णायक युद्ध का ऐलान किया है।
चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सरकार बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि गर्भ में बेटियों की हत्या करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि एक अक्षम्य सामाजिक पाप भी है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष रूप से उन जिलों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया जहाँ लिंगानुपात की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसी कड़ी में उन्होंने गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी सहित पांच जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMOs) को तलब कर उनकी जवाबदेही तय की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय उन असामाजिक तत्वों और अवैध केंद्रों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखें जो चोरी-छिपे गर्भपात और लिंग जांच के गोरखधंधे में लगे हुए हैं। विशेष रूप से पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से सटे जिलों के अधिकारियों को आगाह किया गया कि वे उन गिरोहों पर पैनी नजर रखें जो राज्य की सीमा पार ले जाकर लिंग जांच करवाते हैं।
आरती सिंह राव ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग इस मुहिम में पुलिस की पूरी मदद ले और इस संबंध में सभी जिला पुलिस कप्तानों को स्वास्थ्य टीमों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जमीनी स्तर पर जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि वे गांवों के पंच-सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर समाज को गिरते लिंगानुपात के भयानक भविष्य के प्रति सचेत करें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान दौर को देखते हुए सोशल मीडिया का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने विभाग को आदेश दिए कि वे गर्भपात के खतरों और बेटियों के महत्व को दर्शाने वाला सूचनाप्रद कंटेंट तैयार कर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रचारित करें, ताकि गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और उन्हें सरकार के ‘बेटी बचाओ’ अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाया जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


