स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगिता सेवाएं), संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ के तत्वावधान में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर 35, चंडीगढ़ में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगिता सेवाएं), संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ की सदस्य सुश्री सुरजीत कौर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत बिजली, पानी, परिवहन, दूरसंचार, बीमा, स्वच्छता तथा अस्पताल या औषधालय जैसी आवश्यक जन उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान के लिए एक सुलभ वैधानिक मंच प्रदान करती है।
उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि स्थायी लोक अदालत पहले सुलह के माध्यम से विवाद का समाधान करने का प्रयास करती है। समझौता संभव न होने पर यह कानून के अनुसार विवाद के गुण-दोष के आधार पर निर्णय दे सकती है। यह व्यवस्था नागरिकों को लंबी मुकदमेबाजी की जटिलताओं से बचाते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जन उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित, किफायती और प्रभावी समाधान का अवसर प्रदान करती है।
प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि लागू कानूनी प्रावधानों के अधीन स्थायी लोक अदालत का निर्णय पक्षकारों पर अंतिम और बाध्यकारी होता है तथा इसे दीवानी न्यायालय की डिक्री के समान प्रभाव प्राप्त होता है।
सुश्री कौर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपने परिवारों और समुदायों में इस संबंध में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया, ताकि नागरिकों को पता हो कि आवश्यक जन उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवाद होने पर वे समाधान के लिए कहां संपर्क कर सकते हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और संवाद किया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया “अपने अधिकार जानें, समाधान का मार्ग पहचानें और समय पर न्याय पाएं।”


