हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने डीएलपी अवधि के दौरान सड़कों की मरम्मत में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क खराब होने के बावजूद यदि संबंधित एजेंसी समय पर उसकी मरम्मत नहीं करती है तो विभाग कार्रवाई करने में देरी नहीं करेगा। ऐसी एजेंसी की बैंक गारंटी कैश करवाकर विभाग अपने स्तर पर कर्मचारी, रोलर और अन्य संसाधन लगाकर सड़क की मरम्मत करवाएगा।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने यह निर्देश हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में पीडब्ल्यू (बी एंड आर) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, अतिरिक्त सचिव श्री हितेश कुमार मीणा, चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारियों सहित एसीएसपीडब्ल्यू, ईआईसी (बिल्डिंग्स), ईआईसी (रोड्स), सभी संबंधित एसई और एक्सईएन शामिल हुए। बैठक में वर्क प्रोग्राम 2026-27, सड़कों की स्थिति, ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों, हरसैक परियोजना, मॉडल रोड तथा सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
श्री गंगवा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 19 हजार किलोमीटर सड़कें डीएलपी अवधि में हैं। इन सड़कों के रखरखाव और समय पर मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीएलपी अवधि वाली सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और सड़क में किसी भी प्रकार की खराबी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मरम्मत के लिए शिकायत का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर सड़क की स्थिति देखें और आवश्यकता होने पर तुरंत कार्रवाई करवाएं।
मंत्री ने कहा कि सड़कें आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही से सीधे जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनके रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एसई, एक्सईएन और अन्य आला अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन फील्ड में जाकर सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान कहीं सड़क टूटी हुई या क्षतिग्रस्त मिलती है तो उसकी मरम्मत की प्रक्रिया तुरंत शुरू करवाई जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का 10 दिन के भीतर समाधान करने संबंधी निर्देशों की भी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐप पर शिकायत आने के बाद उसकी कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मौके पर जाकर समस्या का समाधान किया जाए।
बैठक में हरियाणा के 11 सर्कलों में करीब 2,813.339 किलोमीटर सड़कों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा हरसैक परियोजना, ‘म्हारी सड़क’ ऐप, वर्क प्रोग्राम 2026-27 तथा मॉडल रोड से संबंधित कार्यों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी कार्य में देरी हो रही है, वहां तेजी लाई जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं।
*वर्क प्रोग्राम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने वर्क प्रोग्राम 2026-27 की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है, उन्हें तेजी से शुरू किया जाए। अक्टूबर माह में वर्क प्रोग्राम के तहत सभी कार्यों को गति मिलनी चाहिए और एक नवंबर से सभी संबंधित कार्य जमीन पर दिखाई देने चाहिए। जिन कार्यों में किसी स्तर पर लेटलतीफी चल रही है, वहां संबंधित अधिकारी प्रक्रिया में तेजी लाएं।
*धुंध से पहले पूरे हों सड़क सुरक्षा के काम*
आगामी मौसम में धुंध अथवा मौसम के बदलाव को देखते हुए मंत्री ने सड़कों पर पट्टियां, पेंटिंग, संकेतक और अन्य जरूरी सड़क सुरक्षा कार्य समय रहते पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के आसपास स्थित स्कूलों, कॉलेजों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के पास आवश्यक साइन बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए।
*सरकारी भवनों पर सोलर व्यवस्था पर जोर*
बैठक में सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। श्री गंगवा ने संबंधित अधिकारियों को सरकार के निर्देशों के अनुरूप सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल अथवा अन्य सरकारी भवन निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हों तथा भवन पर उपयुक्त डिस्प्ले/प्लेट लगाई जाए, जिससे निर्माण कराने वाले विभाग की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो।


