पीएम श्री राजकीय कन्या मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर 18, चंडीगढ़
राष्ट्रीय समावेशी रंगमंच महोत्सव (एनआईटीएफ) 2026 के दूसरे दिन आकर्षक नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से रचनात्मकता, विविधता और समावेश की भावना का उत्सव मनाया गया। “मंच पर साथ, भावना में समान” विषय पर आयोजित यह महोत्सव दिव्यांग और अन्य बच्चों को प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से अपनी भावनाओं और प्रतिभा को व्यक्त करने का सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।
दूसरे दिन प्रस्तुत नाटकों में महारानी जिंद कौर (महारानी ज़िंदा) की जीवनगाथा, “कौन है डॉन” और “पेड़ों का संरक्षण” जैसे विविध विषय शामिल रहे। प्रभावशाली कहानी, भावपूर्ण अभिनय और सार्थक संदेशों के माध्यम से प्रतिभागी टीमों ने ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को उजागर किया।
समावेशी रंगमंच के इस अनूठे प्रयास को व्यापक सराहना मिल रही है। इसमें विभिन्न क्षमताओं वाले बच्चे एक साथ अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रत्येक टीम ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति, मौलिकता और मंच कौशल से प्रदर्शन के स्तर को नई ऊंचाई दी है।
प्रस्तुतियों की उत्कृष्ट गुणवत्ता ने निर्णायक मंडल के लिए मूल्यांकन का कार्य विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। प्रतिभागी टीमें अपने प्रभावशाली अभिनय, अभिनव विचारों और उत्साहपूर्ण भागीदारी से लगातार प्रभावित कर रही हैं।
राष्ट्रीय समावेशी रंगमंच महोत्सव एक प्रतियोगिता से बढ़कर समान अवसरों, आपसी सम्मान और कला की परिवर्तनकारी शक्ति का उत्सव है। बच्चों को एक साझा मंच पर लाकर यह पहल संदेश देती है कि हर बच्चे की आवाज महत्वपूर्ण है, हर प्रतिभा पहचान की हकदार है और समावेश हर प्रस्तुति को अधिक सार्थक बनाता है।
12 से 15 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के समापन पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीम का चयन किया जाएगा। चयनित टीम को चंडीगढ़ की मेजबानी में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की रंगमंच कार्यशाला में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
इस अभिनव पहल के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन का स्कूल शिक्षा विभाग समावेशी शिक्षा, कलात्मक अभिव्यक्ति और ऐसे सीखने के वातावरण को बढ़ावा दे रहा है, जहां हर बच्चा भाग ले सके, अपनी प्रतिभा प्रस्तुत कर सके और आगे बढ़ सके।


