Close Menu
Rozana Desh PardeshRozana Desh Pardesh
    What's Hot

    ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਰਾਜੋਆਣਾ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪੀਜੀਆਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ’ਚ ਹੋਵੇਗਾ ਆਪਰੇਸ਼ਨ, ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਮਨਜ਼ੂਰੀ

    September 2, 2026

    ਗਲਤੀ ਨਾਲ ਵੀ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰਾਂ ਨੂੰ ਵੋਟ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਤਾਂ ਇਹ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਬੰਦ ਕਰਵਾ ਦੇਣਗੇ : ਸੀਐਮ ਮਾਨ

    September 2, 2026

    ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਸਰਹੱਦ ’ਤੇ ਪੱਕਾ ਮੋਰਚਾ

    September 2, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Breaking News
    • ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਰਾਜੋਆਣਾ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪੀਜੀਆਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ’ਚ ਹੋਵੇਗਾ ਆਪਰੇਸ਼ਨ, ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਮਨਜ਼ੂਰੀ
    • ਗਲਤੀ ਨਾਲ ਵੀ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰਾਂ ਨੂੰ ਵੋਟ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਤਾਂ ਇਹ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਬੰਦ ਕਰਵਾ ਦੇਣਗੇ : ਸੀਐਮ ਮਾਨ
    • ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਸਰਹੱਦ ’ਤੇ ਪੱਕਾ ਮੋਰਚਾ
    • ਈਰਾਨ ਦਾ ਜਾਰਡਨ ਤੇ ਬਹਿਰੀਨ ’ਚ ਅਮਰੀਕੀ ਫੌਜੀ ਅੱਡਿਆਂ ’ਤੇ ਜਵਾਬੀ ਮਿਜ਼ਾਈਲ ਹਮਲਾ
    • कानून का उल्लंघन होगा तो राहुल गांधी पर कार्रवाई होगी, प्रदर्शनों से नहीं रोक सकते कार्रवाई: ऊर्जा मंत्री अनिल विज
    • हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल से विनिर्माण क्षेत्र के एमएसएमई को 15 कार्यदिवसों के भीतर मिलेगी सैद्धांतिक मंजूरी
    • कांग्रेस ने विधानसभा के गेट पर ही नहीं, भीतर भी सदन की गरिमा को तार-तार किया : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
    • संत गुरु रविदास जी समरसता संकल्प अभियान से संबंधित गठित कमेटी में विपक्ष के सदस्यों को भी किया जाएगा शामिल – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
    Wednesday, September 2
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Rozana Desh PardeshRozana Desh Pardesh
    Advertise With Us Epaper
    • ਮੁੱਖ ਪੰਨਾ
    • ਪੰਜਾਬ
    • ਹਰਿਆਣਾ
    • ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ
    • ਰਾਸ਼ਟਰੀ
    • ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ
    • ਵਪਾਰ
    • ਰਾਜਨੀਤੀ
    • ਮਨੋਰੰਜਨ
    • ਖੇਡਾਂ
    • ਟੈਕਨੋਲੋਜੀ
    • ਸੰਪਰਕ
    Rozana Desh PardeshRozana Desh Pardesh
    ਈ-ਪੇਪਰ
    Home»National»मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन
    National

    मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन

    August 1, 20269 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp

    रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशनबेलूर मठ के अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी गौतमानंद जी महाराज, श्री रामकृष्ण आश्रम, मैसुरू के अध्यक्ष पूज्य स्वामी मुक्तिदानंद जी, रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के ट्रस्टी पूज्य स्वामी यादवेंद्रानंद जी, राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत जी, मुख्यमंत्री श्री डी.के. शिवकुमार जी, सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार जी, विधायक विजयेंद्र येदियुरप्पा जी, के. हरीश गौड़ा जी, अन्य महानुभाव, पूज्य संतगण और भाईयों और बहनों।

    सर्वप्रथम मैं मैसूरू की अधिष्ठात्री देवी मां चामुंडेश्वरी को प्रणाम करता हूं। अभी दो दिन पहले ही हम सभी ने गुरू पूर्णिमा भी मनाई है। आप सब जानते हैं, मेरी यात्रा जहां से शुरू हुई और आज मैं जहां हूं, इसमें राम कृष्ण मिशन का बहुत अहम योगदान है। मैं तीन महीने पहले हावड़ा में बेलूर मठ गया था। सभी पूज्य संतों से सतसंग करने का अवसर मिला था। मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे फिर मैसूरू में श्री रामकृष्ण आश्रम से जुड़े संतों से, मेरे गुरू बंधुओं से मिलने का, उनसे आशीर्वाद लेने का अवसर मिला है। आप सभी की उपस्थिति की वजह से, आज मैसूरू की इस पवित्र भूमि पर मुझे एक अलग ही ऊर्जा अनुभव हो रही है। मैं आप सभी संतों के चरणों में सादर प्रणाम करता हूं।

    मैसूरू भारत की अनादि सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। यहां के मंदिर, यहां की परंपराएं और उत्सव, मैसूरू का दशहरा, यहां के भव्य महल, इसका संगीत और साहित्य, भारत की विरासत इस शहर के कण-कण में रची बसी है। और यह देखकर बहुत संतोष मिलता है। इस शहर ने इस विरासत को उसी कुशलता से सहेजा भी है, संवारा भी है। श्री रामकृष्ण आश्रम और स्वामी विवेकानंद जी की स्मृतियां भी मैसुरू की विरासत का ही एक समृद्ध हिस्सा हैं। कुछ देर पहले मैं उस ऐतिहासिक भवन में भी गया था, जहां स्वामी विवेकानंद जी ने अपने प्रवास के दौरान कुछ समय बिताया था। कर्नाटका के कितने ही विद्वान और मनीषी इस स्थान से जुड़े रहे हैं। राष्ट्रकवि कुवेम्पु जैसे महापुरुष जब मैसुरू में थे, उनका भी श्रीरामकृष्ण आश्रम से गहरा जुड़ाव था। आज स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर, यानी विवेका स्मारका के उद्घाटन के जरिए, हम इस मिशन को नया विस्तार दे रहे हैं। इसके लिए मैं श्रीरामकृष्ण आश्रम और इससे जुड़े सभी विद्वानों को हार्दिक बधाई देता हूं।

    व्यक्ति से विभूति का निर्माण एकाएक नहीं होता। इसके लिए हमें जीवन की अनगिनत परीक्षाएँ देनी होती हैं। साधना करनी होती है, तप करना होता है, खुद को तपाना पड़ता है, खपाना पड़ता है। ख्याति के बाद तो संसार पीछे खड़ा होता है। लेकिन, तप के समय महान विभूतियों को पहचानना आसान नहीं होता। जो साधक को तपस्या में पहचानता है, वो उसकी सिद्धि का सहभागी भी होता है।

    स्वामी विवेकानंद के जीवन में मैसुरू का इतना अहम योगदान था। करीब 130 वर्ष पहले, स्वामी जी, एक युवा संन्यासी के रूप में भ्रमण करते हुए मैसुरू आए थे। तब उनकी प्रसिद्धि वैसी नहीं थी। लेकिन, विचार उतने ही ऊंचे थे। उस समय उन्हें जिन लोगों ने पहचाना, जो उनके साथ जुड़े, उनमें से एक प्रमुख नाम मैसुरू के तत्कालीन महाराजा का भी था। जब स्वामी विवेकानंद जी अमेरिका में थे, तो उन्होंने वहाँ से मैसुरू के तत्कालीन महाराजा को एक पत्र लिखा था। उसमें उन्होंने स्वयं महाराजा के सहयोग का उल्लेख किया था।

    स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय चेतना को आत्मसात किया था। उन्होंने शास्त्रों को आत्मसात किया था जो कहते हैं- “परं परोपकारार्थं यो जीवति स जीवति”। अर्थात्, वास्तव में वही जीता है जो दूसरों के लिए जीता है। इसी मंत्र पर चलते हुए, मैसुरू के इस श्री रामकृष्ण आश्रम ने पिछले वर्ष अपने सौ साल पूरे किए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएँ हों, या प्राकृतिक आपदा में राहत कार्य, श्री रामकृष्ण आश्रम ने स्वामी विवेकानंद जी की विरासत को जीवंत रखा है। मुझे विश्वास है विवेका स्मारका साधकों और श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक उत्थान का तीर्थ बनेगा। स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणा थी- ‘शिव ज्ञाने जीव सेवा’। यानी जीव की सेवा ही शिव की सेवा है। हमें इस विवेका स्मारक में इसलिए, ऐसे युवाओं को गढ़ना है, जिनके लिए समाज और राष्ट्र के हित, गरीब-वंचित के दुःख, अपने सुख-दुःख से ऊपर हों। जिन युवाओं के लिए राष्ट्र प्रथम ही सर्वोपरि मंत्र हो, मां भारती की सेवा ही जिनका जीवन लक्ष्य हो।

    स्वामी विवेकानंद जी युवाओँ की शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार मानते थे। उन्होंने स्वयं ये देखा था कि कैसे दुनिया के देश अपने युवाओं को शिक्षित बना रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से तब भारत गुलाम था। भारत के युवा भी गुलामी की जंजीरों में जक़ड़े हुए थे। उस दौर से लेकर अब तक, भारत के युवा ने एक लंबी यात्रा तय की है। भारत का जो युवा कभी जंजीरों में था, आज वो युवा दुनिया के विकास को गति दे रहा है।

    · आज भारत की अर्थव्यवस्था, सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है।

    · किसकी वजह से? भारत के युवाओँके सामर्थ्य से।

    · आज भारत में दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है।

    · किसकी वजह से? भारत के युवाओँ के सामर्थ्य से।

    · आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है।

    · किसकी वजह से?

    · भारत के युवाओं के सामर्थ्य से।

    · आज भारत से बने Digital Solutions, दुनिया के अनेक देशों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

    · किसकी वजह से?

    · भारत के युवाओं के सामर्थ्य से।

    · आज भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की नई यात्रा पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    · किसकी वजह से?

    · भारत के युवाओं के सामर्थ्य से।

    · आज भारत AI, Deep Tech, Space Technology और Innovation के नए अध्याय लिख रहा है।

    · किसकी वजह से?

    · भारत के युवाओं के सामर्थ्य से।

    अभी कुछ दिन पहले ही हमने देखा है, भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में कमाल कर दिया है। पहली बार युवाओं का बनाया हुआ एक प्राइवेट कंपनी का रॉकेट, अंतरिक्ष तक पहुंचा है। आज कोई भी सेक्टर हो, भारत युवा अपना दम-खम दिखा रहा है। हम सभी अपने आसपास देख रहे हैं, आज छोटे से छोटे व्यवसाय में लगा युवा, भारत की डिजिटल इकॉनमी को आगे बढ़ा रहा है। वो मुद्रा लोन के जरिए नई शुरुआत कर रहा है। वो देश की स्टार्टअप revolutionको लीड कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत का अभियान हो, मेक इन इंडिया का अभियान हो, इसकी सफलता के पीछे भारत के युवाओं की ही ताकत है।

    किसी भी देश में, युवाओं का सामर्थ्य तभी उस राष्ट्र की शक्ति बनता है, जब उसे सही अवसर मिले, जब उसे सही दिशा मिले, और जब उसे अपनी ही धरती पर बड़े सपने देखने, उन्हें पूरा करने का भरोसा मिले। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारे शिक्षा संस्थानों की होती है। मुझे खुशी है कि आज भारत में शिक्षण संस्थाओँ की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले 12 वर्षों में, 650 से ज्यादा नई यूनिवर्सिटीज बनी हैं। पिछले 12 वर्षों में करीब 14 हजार नए कॉलेज बने हैं। 4 हजार से ज्यादा नई ITI बनाई गई हैं। 9 नए आई.आई.एम, 7 नई आई.आई.टी, और13 नए एम्स भी स्थापित किए गए हैं। आज देश में MBBS की सीटें करीब 1 लाख 40 हजार हो चुकी हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 823 हो गई है।
    एक ओर हम एजुकेशन इनफ्रास्ट्रक्चर को modernize कर रहे हैं। साथ ही, शिक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक जरूरतों के हिसाब से ढाला जा रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, भारत के युवाओँ को 21वीं सदी के अनुरूप तैयार करने का माध्यम बन रही है।

    स्कूली शिक्षा में भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। देशभर में 14 हजार से ज्यादा पीएम श्री स्कूल विकसित किए गए हैं। शिक्षा केवल किताबी न रहे, बच्चों में इनोवेशन और साइंटिफिक टेंपरामेंट विकसित हो, इसके लिए,10 हजार से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित हुई हैं।

    साथियों,

    स्वामी विवेकानंद जी, राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ-साथ समानता को भी उतना ही अहम मानते थे। शिक्षा में भेदभाव न हो, अवसरों में भेदभाव न हो, आज ये देश का विज़न बन गया है। आज बेटियाँ भी सैनिक स्कूलों में एड्मिशन ले रहीं हैं। एनडीए में बेटियां राष्ट्र के लिए योगदान दे रही हैं। आज मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी पढ़ाई मातृभाषा में करने की सुविधा हो गई है। इससे, भाषा के आधार पर अवसरों में होने वाले भेदभाव पर लगाम लग रही है।

    युवा शक्ति का स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वास से भरे रहना उतना ही जरूरी है। जो देश खेलों को महत्व देते हैं, वहां के युवाओं में इन तीनों गुणों का तेजी से विकास होता है। इसलिए आज खेलों को राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण धारा के रूप में देखा जा रहा है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, पैरा गेम्स और विंटर गेम्स जैसे आयोजनों ने देशभर के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है। आज देशभर में आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है, खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से सुविधाएं बढ़ रही हैं, गांवों से लेकर छोटे शहरों तक नई प्रतिभाओं की पहचान की जा रही है।

    आज इस अभियान के परिणाम भी साफ – साफ दिखाई दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन बेहतर होता जा रहा है। हमारे खिलाड़ी नए-नए कीर्तिमान बना रहे हैं, हमारी बेटियां देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

    स्वामी विवेकानंद जी की तरह, हमें विवेका स्मारका, बड़े उद्देश्य के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। ऐसे स्थान पर मैं हमारे युवाओं से कुछ आग्रह करना चाहता हूं।

    मैसुरू को अक्सर भारत के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान मिला है। मैं इसके लिए यहां के लोगों को हृदय से बधाई देता हूं। क्या इस अवसर पर हम ये संकल्प ले सकते हैं, कि भविष्य में स्वच्छता के संकल्प को निरंतर मजबूत करते रहेंगे। हमें यहाँ की प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करना चाहिए। हमें पर्यावरण से जुड़े संकल्प लेने चाहिए। हमें पानी की हर बूंद बचाने के लिए मिशन मोड में काम करना होगा।

    आज ही यहां ‘वाल्मीकि रामायण’ के कन्नड़ा अनुवाद का विमोचन भी हुआ है। मैं कन्नड़ा भाषा से जुड़ी एक अपील भी करना चाहता हूं। कर्नाटका महान लेखकों और कवियों की धरती है। कन्नड़ा भाषी लोग हमेशा से पढ़ने की संस्कृति के लिए जाने जाते हैं। स्मार्टफोन के इस युग में इस स्वभाव को और बढ़ावा मिलना चाहिए। क्या हम युवा पीढ़ी को कन्नड़ा साहित्य से गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
    मैसुरू अपने सिल्क, चंदन और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। जब भी हम किसी को उपहार दें, तो क्या हम ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि वो किसी भारतीय के हाथों और पसीने से बनी चीज हो? इससे हमारी संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही, एक और परिवार को आर्थिक सहायता भी मिलेगी।
    स्वामी विवेकानंद जी ने जिस तरह के भारत का सपना देखा था, उसे पूरा करने का दायित्व आज की पीढ़ी पर है। मुझे विश्वास है, विवेका स्मारका इसके लिए एक ऊर्जा स्रोत का काम करेगा। मैं एक बार फिर, यहां एकत्र पूज्य संतजनों गुरू बंधुओं और मैसुरू के लोगों को नमन करते हुए मेरी वाणी को विराम देता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

    Share. Facebook Twitter Pinterest Email WhatsApp

    Related Posts

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थित में आज बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

    August 31, 2026

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की

    August 31, 2026

    प्रधानमंत्री ने कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    August 31, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Join Us
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    https://rozanadeshpardesh.com/wp-content/uploads/2026/05/01-05-2026.pdf
    • Business
    • Chandigarh
    • Entertainment
    • Haryana
    • International
    • National
    • Politics
    • Punjab
    • Sports
    • Technology
    Latest News

    ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਰਾਜੋਆਣਾ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪੀਜੀਆਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ’ਚ ਹੋਵੇਗਾ ਆਪਰੇਸ਼ਨ, ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਮਨਜ਼ੂਰੀ

    September 2, 2026

    ਗਲਤੀ ਨਾਲ ਵੀ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰਾਂ ਨੂੰ ਵੋਟ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਤਾਂ ਇਹ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਬੰਦ ਕਰਵਾ ਦੇਣਗੇ : ਸੀਐਮ ਮਾਨ

    September 2, 2026

    ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਸਰਹੱਦ ’ਤੇ ਪੱਕਾ ਮੋਰਚਾ

    September 2, 2026

    ਈਰਾਨ ਦਾ ਜਾਰਡਨ ਤੇ ਬਹਿਰੀਨ ’ਚ ਅਮਰੀਕੀ ਫੌਜੀ ਅੱਡਿਆਂ ’ਤੇ ਜਵਾਬੀ ਮਿਜ਼ਾਈਲ ਹਮਲਾ

    September 2, 2026

    कानून का उल्लंघन होगा तो राहुल गांधी पर कार्रवाई होगी, प्रदर्शनों से नहीं रोक सकते कार्रवाई: ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    September 1, 2026
    Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram YouTube

    About

    Welcome to Rojana Desh Pardesh, your trusted source for real-time news, in-depth analysis, and insightful stories from around the world. We cover politics, technology, business, entertainment, and more—bringing you accurate and fact-checked updates 24/7. Stay informed, stay ahead!

    Quick Links

    • Home
    • About Us
    • Epaper
    • Advertise With Us
    • Classified
    • Contact Us

    Categories

    • Punjab
    • National
    • International
    • Business
    • Politics
    • Entertainment
    • Sports

    Latest News

    ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਰਾਜੋਆਣਾ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪੀਜੀਆਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ’ਚ ਹੋਵੇਗਾ ਆਪਰੇਸ਼ਨ, ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਮਨਜ਼ੂਰੀ

    September 2, 2026

    ਗਲਤੀ ਨਾਲ ਵੀ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰਾਂ ਨੂੰ ਵੋਟ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਤਾਂ ਇਹ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਬੰਦ ਕਰਵਾ ਦੇਣਗੇ : ਸੀਐਮ ਮਾਨ

    September 2, 2026

    © 2026 Razana Desh Pardesh. All Rights Reserved 

    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.