केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज खनन और खनिज क्षेत्रों के लिए भारत के सबसे बड़े सम्मेलन और प्रदर्शनी पर आधारित भारत खनन सप्ताह 2026 की औपचारिक घोषणा की, जो 15 से 17 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन के आधिकारिक शुरुआती कार्यक्रम के मौके पर, केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के साथ मिलकर सम्मेलन का लोगो और विवरणिका जारी किया। इस अवसर पर कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, खान मंत्रालय के सचिव श्री पीयूष गोयल, कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव श्रीमती रूपिंदर बरार और कोयला तथा खान मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस शुरुआती कार्यक्रम में खनन व्यवस्था से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गज और अन्य प्रमुख हितधारकों ने भी हिस्सा लिया।
तीन दिन तक चलने वाला यह सम्मेलन “मज़बूत संसाधन, स्मार्ट खनन, टिकाऊ भविष्य” की थीम पर आयोजित किया जाएगा, जो तकनीकी रूप से उन्नत, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार खनन क्षेत्र बनाने के भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है। भारत खनन सप्ताह 2026 पूरी खनन मूल्य श्रृंखला में बातचीत, सहयोग और व्यापार से जुड़े कामकाज के लिए एक प्रमुख मंच के तौर पर काम करेगा इस मौके पर केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने भारत खनन सप्ताह 2026 को एक अहम पहल बताया, जो खनन क्षेत्र में भारत के नए आत्मविश्वास, दृष्टिकोण और वैश्विक आकांक्षाओं को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकारों, उद्योगों, निवेशकों, तकनीक से जुड़ी अग्रणी हस्तियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और एकेडमिया को एक साथ लाने के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच का काम करेगा, ताकि साझेदारी को मजबूत किया जा सके, नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके और टिकाऊ तथा तकनीक-आधारित खनन के भविष्य को आकार दिया जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में किए गए बड़े सुधारों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पारदर्शी नीलामी, व्यावसायिक कोयला खनन, तेज़ी से खोज, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस और तकनीक-आधारित शासन ने भारत को दुनिया के सबसे आकर्षक माइनिंग खनन गंतव्यों में से एक बना दिया है। ऊर्जा सुरक्षा, ज़रूरी खनिज और मज़बूत आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी उभरती वैश्विक चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक एकीकृत नज़रिया अपना रहा है, जिसमें भविष्य के लिए तैयार खनिज व्यवस्था बनाने के लिए नीतिगत सुधार, तकनीक में उन्नति, मूल्य संवर्धन, स्थायित्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि यह कार्यक्रम वैश्विक साझेदारी को मज़बूत करेगा, भारत की खनिज और तकनीकी क्षमताओं को दिखाएगा और आत्मनिर्भर और विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान देगा। उन्होंने सभी तकनीकी अन्वेषकों, शोधकर्ताओं, उद्योगों और अन्य हितदारकों से भारत खनन सप्ताह 2026 का हिस्सा बनने की अपील की।
इस कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने कोयला एक्सचेंज के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल एप्लीकेशन और महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक की नीलामी के आठवें चरण की भी शुरुआत की।


