हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति, सभ्यता और हमारे कर्तव्यों में रचा बसा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए एक पेड़ मां के नाम को राष्ट्रव्यापी अभियान से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर की एप्पल मार्केट में युवा संवाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
इससे पहले , मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ एप्पल मंडी में पौधारोपण भी किया और वन चेतना यात्रा -2026 के तहत चार एलईडी वैनस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ये एलईडी वैन प्रत्येक जिले में जाएगी लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगी और पर्यावरण बचाओ का संदेश देंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने थापली नेचर कैंप में भाग लेने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत एक हजार युवाओं को शामिल करने की घोषणा की। इसके अलावा युवाओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी की नियुक्ति करने तथा मोरनी में टिक्करताल का मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा इसका आधारभूत संरचना सुदृढीकरण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पिंजौर सेब मंडी में बिजली आपूर्ति के लिए अलग से सब स्टेशन तथा हिमाचल प्रदेश की ओर से सेब लाने वाले वाहनों की पार्किंग व अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना बड़ी जिम्मेदारी है। जिस दिन हर युवा अपने जन्मदिन, अपने माता-पिता के जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाकर, उसकी देखभाल करने का संकल्प ले लेगा, उस दिन हरियाणा प्रदेश हरा भरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कथन अनुसार जितना सम्मान हम अपनी जन्म देने वाली मां को देते हैं, उतना ही सम्मान हमें हमारा पालन पोषण करने वाली धरती मां को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस अभियान को और गति देनी होगी। हम सब जीवनदायिनी धरती मां के लिए एक पेड़ जरूर लगाएंगें तथा दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। हमें ऐसा विकास चाहिए जो प्रकृति का सम्मान करे, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखे और आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि पिंजौर की इस पावन धरती पर, प्रकृति की गोद में, प्रदेश के उर्जावान युवाओं के बीच आकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। आज का यह कार्यक्रम हमारी युवा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थापली में लगे कैंप में युवाओं को नजदीक से प्रकृति को देखने का मौका मिला है ऐसे युवा समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने का कार्य करेंगे। जिस प्रकार सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने पौधरोपण करके समाज को जागरूक करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो युवा अपनी विरासत को जानता है, वही भविष्य का सशक्त निर्माता बनता है। युवा शक्ति ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केवल युवा होना पर्याप्त नहीं है। बल्कि युवा के भीतर उद्देश्य, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव होना चाहिए।
सरकार ने प्राण वायु देवता पेंशन योजना की शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पेड़ जिनकी आयु 75 वर्ष से अधिक है ऐसे पेड़ों की देखभाल के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक आयु के वृक्षों के प्रति कृतज्ञता का भाव हम सभी में होना चाहिए। इसी उदेश्य की पूर्ति के लिए सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत 3,000 रुपये प्रति वर्ष प्रति पेड़ पेंशन दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरा-भरा बनाने हेतु हर जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन स्थापित करने की योजना शुरू की है। इनमें पैदल ट्रैक, साइकिल ट्रैक आदि की व्यवस्था होगी। करनाल में ऑक्सी-वन की स्थापना हो चुकी है, जबकि पंचकूला में कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक ऑक्सीजन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर गांव में पंचवटी के नाम से पौधारोपण किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित 134 तीर्थों में पंचवटी वाटिका बनाने की भी शुरूआत की गई है। शहर गांव पेड़ों की छांव योजना, हर घर हरियाली तथा पौधगिरी जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। प्रत्येक गांव के एक युवा को वृक्ष मित्र लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों एवं वनस्पति के संरक्षण के लिए पूरे राज्य में 53 हर्बल पार्क बनाए गये हैं। मोरनी क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का औषधीय वन स्थापित किया गया है। प्रदेश के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान व भिंडावास वन्य जीव अभ्यारण्य को रामसर साइट्स के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करना, अपने परिसर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाना तथा जल की एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा नशा मुक्त हरियाणा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाना तथा अपने जीवन को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ अच्छा अवश्य करने का विचार युवाओं को महान बनाएगा। यही विचार हरियाणा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।
नई उद्योग नीति के सार्थक परिणाम- राव नरबीर
वन पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण में सुधार लाने के लिए दो पेड़ लगाकर उनका पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन 2047 में अहम भूमिका निभाने के लिए हमें स्वच्छ क्षेत्र बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के लिए स्किल डिवलेपमेंट विकसित करने के लिए उद्योगों में प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया है।
उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई उद्योग नीति संचालित की जा रही है। इसके सार्थक परिणाम आ रहे है। उद्योग नीति में 5 से 6 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अब तक एक लाख करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता , मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी बत्रा, राकेश संधु, सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा वन विभाग, आईटीबीपी, सीरआरपीएफ, स्कूली बच्चों, वाॅलिन्टियरों के साथ पौधारोपण भी किया।


