चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं प्रगट सिंह, भारत भूषण आशु और अन्य नेताओं ने राज्य सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि पंजाब में उच्च शिक्षा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया गया है और वर्षों बाद प्रोफेसरों की भर्ती की प्रक्रिया भी सरकार ने रोक दी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी से जुड़े पेपर लीक मामले में सरकार के संरक्षण में अनियमितताएं हुईं। उनका दावा था कि परीक्षा ड्यूटियों में संबंधित अधिकारियों के रिश्तेदारों को लगाया गया और पूरी प्रक्रिया पहले से तय थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खालसा कॉलेज के प्रोफेसरों से जुड़े कथित उत्पीड़न और आत्महत्या के मामलों का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने कहा कि इन दोनों मामलों की किसी सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराई जाए।
कांग्रेस ने मांग की कि जांच पूरी होने तक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को उनके विभागों से हटाया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही, यदि परीक्षा में अनियमितताएं सिद्ध होती हैं तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में दोबारा परीक्षा कराई जाए।


