हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि “देश हमारा है, इसे आगे बढ़ाने के लिए हमें स्वयं आगे आना होगा, यही ‘मन की बात’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक है, जिसने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा है।
श्री विज आज अंबाला छावनी में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने एवं देखने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे।
श्री विज ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक माह ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों से सीधे संवाद करते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में हो रही उपलब्धियों तथा सकारात्मक प्रयासों की जानकारी साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों गुरविंद्र सिंह और अन्वेष से दूरभाष पर बातचीत कर उनकी खेल उपलब्धियों की सराहना की तथा उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चयनित होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्री विज ने कहा कि उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और वे भी सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने खेल में आगे बढ़ेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के मौसम में स्वयं को सुरक्षित रखने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने देसी पेय पदार्थों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि लस्सी, आम पन्ना तथा आम से बने अन्य पारंपरिक पेय पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक हैं और देश में आसानी से उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम के दौरान खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) के विषय पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भारत में विज्ञान और खगोल विज्ञान का ज्ञान अत्यंत प्राचीन और समृद्ध रहा है। आज की युवा पीढ़ी छोटे-छोटे विज्ञान क्लब बनाकर इस ज्ञान को आगे बढ़ा रही है और समाज में वैज्ञानिक जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और जल शुद्धिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला। एक गांव का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वहां के युवाओं ने एक छोटी नदी, जो गंदगी और गाद से भर चुकी थी, को साफ कर उसका पुराना स्वरूप वापस दिलाया और उसे स्वच्छ बनाया। श्री विज ने कहा कि यह हम सभी के लिए प्रेरणा का विषय है और यह संदेश देता है कि “देश हमारा है, इसे आगे बढ़ाने के लिए हमें स्वयं आगे आना होगा।”


