हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जितने भी सेवा के कार्य है उन सब कार्यों में सबसे श्रेष्ठ शिक्षा देने का काम है। केवल जन्म लेने से कोई इंसान नहीं बन सकता, शिक्षा उसे इंसान बनाती है, शिक्षा कायदे-कानून से उसको अवगत कराती है।
श्री विज आज अम्बाला छावनी के बंगाली मोहल्ले में मुसद्दी लाल आर्य कन्या उच्च विद्यालय के वार्षिकोत्सव के दौरान बोल रहे थे।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बच्चा कच्ची मिट्टी की तरह है और यह कुम्हार के हाथ में है कि वह उसे ढाल के क्या बनाएगा। इसी प्रकार, शिक्षाविदों के हाथ में है कि बच्चों को कैसी शिक्षा देकर क्या बनाया जाएगा। स्कूल व गुरुकुल में अंतर है। स्कूल में केवल शिक्षा, अक्षर ज्ञान कराया जाता है। मगर, गुरुकुल में शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। मगर सोने की चिडिया कहलाए जाने वाले हमारे देश में बाहरी आक्रमणकारी समय-समय पर लूटते रहे और अपना प्रभाव डालते रहे। हमारी सभ्यता में हर रिश्ते का नाम था मगर, बाहरी आक्रमणकारियों ने हमारे मूल्यों को भी परिवर्तित किया। उन्होंने पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि “यू तो रहा है दुश्मन दौरे-ए-जमां हमारा, कुछ तो है हस्ती मिटती नहीं हमारी”। देश में बड़े-बड़े आक्रमणकारी आए, मगर हम फिर से खड़े हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बने – विज
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश काफी आगे की स्थिति में पहुंच गया है। नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तब हमारी अर्थव्यवस्था 14 नंबर पर थी और अब हम तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री ने देश से वादा किया है कि हम 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाएंगे।
लड़कियों को शिक्षा देने से बड़ा कोई पुण्य नहीं – विज
हमारे जो शिक्षण संस्थान है वह बच्चे को ढालकर बेहतर इंसान बनाते हैं ताकि वह भविष्य की चुनौतियां का सामना कर सके। लड़कियों को शिक्षा देना बहुत बड़ा कार्य है और इस स्कूल में लड़कियों को शिक्षा देकर स्कूल बेहतर कार्य कर रहा है व इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता।
“मेरा मुझ में कुछ नहीं..” मैं तो केवल चौकीदार हूं – अनिल विज
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि उनसे पहले मंच से उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया जा रहा था। मगर वह कहना चाहते हैं कि वह कुछ नहीं है “मेरा मुझ में कुछ नहीं
जो कुछ है सो तोए, तेरा तुझको सौंपते, क्या लागे है मोए”, यह सब आपका ही है, वह तो केवल चौकीदार है। सरकार की ओर से जो सहायता राशि दी जाती है वह आपकी ही अमानत है। उन्होंने कहा कि अम्बाला छावनी में ढेरों विकास कार्य हो सके हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी में राष्ट्रीय स्तर का शहीद स्मारक बन रहा है जिसका जल्द प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1857 में आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित यह पहला स्मारक बन रहा है जिसकी शुरूआत अम्बाला छावनी से हुई थी।
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्कूल प्रबंधन को 10 लाख रुपए की राशि प्रदान की।


