हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री को स्मारक से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रबंधों एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1857 की क्रांति पर आधारित यह स्मारक देश का अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक स्मारक है, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न वीर गाथाओं, युद्धों और बलिदानों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। श्री विज ने कहा कि स्मारक में 1857 के संग्राम से जुड़े गुमनाम (अनसंग) वीरों और क्रांतिकारियों के संघर्ष को विशेष रूप से दर्शाया गया है, ताकि देशवासियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सके। यह स्मारक विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र सिद्ध होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को स्मारक भ्रमण हेतु प्राथमिकता दी जाए, ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, देशभक्ति और बलिदान की अमूल्य विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” में बनाई गई विभिन्न गैलरियों व ऑडिटोरियम में अवलोकन किया। ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने 1857 की क्रांति से जुडे एक लघु वृतचित्र को भी देखा और सराहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री ने स्मारक के प्रांगण में रूद्राक्ष का पोधा भी लगाया ।
अवलोकन के दौरान लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं कला विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पाण्डुरंग, शहीद स्मारक के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी, वरिष्ठ इतिहासकार कपिल कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


