हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बुधवार को शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली के आगमन टर्मिनल पर हरियाणा पर्यटन विभाग के टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन एंड फैसिलिटेशन सेंटर (TIFC) का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने कहा कि यह महज एक सूचना केंद्र नहीं, बल्कि हरियाणा की संस्कृति, विरासत, आस्था, प्रकृति और ग्रामीण जीवन को देश-दुनिया के पर्यटकों से जोड़ने का नया माध्यम है। उन्होंने कहा कि “घूमण आओ, हरियाणा देखो… बदलता प्रदेश खुद सुनाएगा अपनी कहानी” हरियाणा पर्यटन का संदेश होगा।
मोहाली एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले पर्यटकों को हरियाणा के प्रमुख पर्यटन एवं विरासत स्थलों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और आयोजनों की जानकारी के साथ बुकिंग संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश की विविध पर्यटन संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा।
AI ऐप ‘सरस्वती’ देगा पर्यटन स्थलों की त्वरित जानकारी
TIFC की प्रमुख विशेषताओं में AI आधारित ‘सरस्वती’ ऐप शामिल है। यह ऐप पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत, संस्कृति, मेलों, आयोजनों और पर्यटन सुविधाओं के बारे में त्वरित एवं इंटरैक्टिव जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
पर्यटक अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न स्थलों की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ हरियाणा भ्रमण की योजना बनाने में भी इस ऐप की सहायता ले सकेंगे। यह पहल हरियाणा पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की संस्कृति, विरासत और पर्यटन को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के विजन तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा अपनी पर्यटन क्षमता को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान अब केवल खेती-किसानी, उद्योग और खेल तक सीमित नहीं है। कुरुक्षेत्र की गीता, सूरजकुंड की कला, पिंजौर की विरासत, मोरनी की पहाड़ियां, ढोसी पहाड़ी की आस्था और गांवों की संस्कृति प्रदेश को पर्यटन की व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं।
सूरजकुंड को सालभर का सांस्कृतिक केंद्र बनाने की तैयारी
डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्ष 2026 में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 53 देशों के 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अब सूरजकुंड मेला परिसर का सालभर विवाह, सांस्कृतिक और अन्य आयोजनों के लिए उपयोग करने तथा सितंबर से दिसंबर के बीच अतिरिक्त मेलों के आयोजन की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सूरजकुंड को हरियाणा के ‘ग्लोबल कल्चरल शोकेस’ के रूप में विकसित करना है।
एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन पर भी जोर
पर्यटन मंत्री ने बताया कि टिक्कर ताल, तिलयार झील और हथनीकुंड बैराज जैसे स्थलों को साहसिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। जल क्रीड़ा, नौकायन, बनाना बोट, जेट स्की और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ढोसी पहाड़ी पर रोपवे परियोजना की तैयारी की जा रही है, जबकि आदिबद्री में भी रोपवे की संभावनाओं पर कार्य चल रहा है।
कुरुक्षेत्र में पर्यटन विकास का उल्लेख करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि ज्योतिसर में 205.58 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत अनुभव केंद्र विकसित किया गया है, जबकि विराट स्वरूप में 13.63 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश एवं ध्वनि शो तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से महाभारत की विरासत का जीवंत अनुभव कराना है।
गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ना चाहती है। प्रदेश में अब तक 11 होम स्टे और 38 फार्म पर्यटन स्थल हरियाणा पर्यटन के साथ पंजीकृत हो चुके हैं तथा पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है—पर्यटक आए तो गांव की जेब भी भरे।”
डॉ. शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से होटल, रेस्तरां, टैक्सी, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान, फार्म टूरिज्म और छोटे कारोबारों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पिंजौर के यादविंद्र गार्डन को हेरिटेज वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की पहल भी इसी सोच का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में हरियाणा पर्यटन की नई आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई तथा ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पर्यटन निगम की संपत्तियों को प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर भी सूचीबद्ध किया गया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि TIFC आकार में भले ही छोटा है, लेकिन इसका उद्देश्य बहुत बड़ा है—हरियाणा की कहानी को देश और दुनिया तक पहुंचाना। सरकार हरियाणा को ऐसा पर्यटन प्रदेश बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जहां पर्यटक केवल गुजरें नहीं, बल्कि रुकें, प्रदेश को देखें और बार-बार लौटकर आने की इच्छा रखें।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के एमडी श्री पार्थ गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी के सीईओ श्री योगेश कुमार, सीआईएसएफ के कमांडेंट श्री संतोष सुमन, प्रोटोकॉल अधिकारी श्री अजीत जी, निजी सचिव श्री सुनील लाकड़ा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


