हरियाणा में 80वां स्वतंत्रता दिवस राज्यभर में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय समारोहों में शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों तथा देश की रक्षा में अपना दायित्व निभा रहे वीर जवानों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया गया। प्रदेशभर में आयोजित समारोहों में राष्ट्र के विकास में हरियाणा की भूमिका और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया। मंत्रियों ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण, प्रदेश के समग्र विकास तथा रोजगार और आर्थिक अवसरों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध हरियाणा के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण ने कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी के प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूली विद्यार्थियों के लिए 2 लाख 1 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा भी की है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का भारत केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामरिक शक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भी विश्व में अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार और आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। प्रकृति, संस्कृति और नारी शक्ति से जुड़ा यह पर्व हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल आर्थिक विकास की गति बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा विकास सुनिश्चित करना है जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। हम 140 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था के बल पर भारत को विश्व के सबसे बड़े और सशक्त लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया है। संविधान निर्माताओं ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जिन मूल्यों पर लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी थी, वह नींव समय के साथ और मजबूत हुई है। सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा रही है। पिछले लगभग 12 वर्षों में लगभग सवा चार सौ शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।


