हरियाणा के विकास के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल में हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के उद्यमियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह सहित जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एमएसएमई, निर्यातक, वित्तीय संस्थानों एवं उद्योग संघों के प्रतिनिधि तथा हरियाणा और पड़ोसी राज्यों से आए उद्यमी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अपनी विकास यात्रा के सातवें दशक में प्रवेश कर रहा है। यह अवसर प्रदेश की छह दशकों की विकास यात्रा को याद करने के साथ-साथ भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने उद्यमशीलता के बल पर देश की अग्रणी विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान बनाई है और अब प्रदेश को औद्योगिक विकास के अगले चरण की ओर ले जाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक ताकत वहां के उद्यमियों से बनती है, जो अपने सपनों को उद्योग, परिश्रम को उत्पादन और साहस को रोजगार में बदलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उद्यमियों को ऐसा वातावरण मिले, जहां उन्हें अपने व्यवसाय को स्थापित करने, विस्तार देने और आगे बढ़ाने के लिए विश्वास और बेहतर अवसर प्राप्त हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नीति के माध्यम से उद्यमियों के लिए वित्त, औद्योगिक अवसंरचना, तकनीक, निर्यात, कौशल और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा औद्योगिक एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जहां नवाचार को प्रोत्साहन मिले, नए उद्यम स्थापित हों और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो।
उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि उद्योग केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश के हर जिले और हर क्षेत्र की पहचान बनें। अवसरों का लाभ प्रदेश के अंतिम उद्यमी तक पहुंचे और स्थानीय प्रतिभा एवं संसाधनों को विकास की नई शक्ति में बदला जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, रोजगार और विश्वास की राजधानी बने, यही सरकार का संकल्प है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश का कोई भी युवा अवसरों के लिए बाहर जाने की आवश्यकता महसूस नहीं करेगा, बल्कि गर्व से कहेगा कि अवसर भी हरियाणा में हैं और भविष्य भी हरियाणा में है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह नई नीति ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन हरियाणा’ को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एमएसएमई निदेशालय का गठन किया गया है। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को भी नीति में प्राथमिकता दी है। ग्रीन इंवेस्टमेंट फंड के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल निवेश और हरित तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। नई नीति से उद्योगों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं और नए उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश के प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नीति दस्तावेज एवं कॉफी टेबल बुक का अनावरण भी किया । इस मौके पर उन्होंने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों के एमएसएमई द्वारा विकसित उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और सफलता की कहानियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।


