सुव्यवस्थित एवं नागरिक-अनुकूल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली का पूर्ण स्तर पर बहु-श्रेणी विस्तार किया है, जिससे अब पूरे चंडीगढ़ में व्यापक सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
अप्रैल 2022 में शुरू की गई यह प्रणाली अब पूर्ण स्तर पर संचालित हो रही है। विस्तारित प्रणाली के अंतर्गत स्व-प्रमाणन के साथ-साथ वाणिज्यिक एवं औद्योगिक भूखंडों की विभिन्न श्रेणियों को भी शामिल किया गया है। यह पहल शहर में भवन योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
उन्नत प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ
1. त्वरित स्वीकृति के लिए स्व-प्रमाणन
वास्तुकला परिषद (Council of Architecture-CoA) में पंजीकृत योग्य वास्तुकारों को आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक भूखंडों की भवन योजनाएँ स्व-प्रमाणन योजना के अंतर्गत प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत किया गया है। इस व्यवस्था से अनुमोदन में लगने वाला समय काफी कम होगा, निर्धारित नियामक समय-सीमा के भीतर स्वीकृति सुनिश्चित होगी तथा आवेदकों एवं पेशेवरों पर अनुपालन का बोझ भी कम होगा।
1. रियल-टाइम एसएमएस और ई-मेल अलर्ट
आवेदकों को अब अनुमोदन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण—दस्तावेजों की जाँच और शुल्क की गणना से लेकर तकनीकी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी होने तथा अंतिम स्वीकृति तक—स्वचालित रूप से रियल-टाइम सूचनाएँ प्राप्त होंगी। इससे प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और आवेदकों को बार-बार व्यक्तिगत रूप से जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
1. निगरानी एवं जवाबदेही डैशबोर्ड
संबंधित अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों के लिए एक समर्पित प्रशासनिक डैशबोर्ड उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में लंबित मामलों की वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। यह व्यवस्था आंतरिक जवाबदेही को मजबूत करेगी और नागरिक चार्टर के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगी।
प्रमुख बिंदु
• स्व-प्रमाणन से वास्तुकारों को सशक्त बनाने के साथ अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी आएगी।
• पूरी प्रक्रिया के दौरान एसएमएस और ई-मेल अलर्ट प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
• रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से अधिकारी लंबित मामलों की निगरानी और नागरिक चार्टर की समय-सीमा का अनुपालन सुनिश्चित कर सकेंगे।
उपायुक्त श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस ने कहा कि यह पहल भवन योजना अनुमोदन प्रक्रिया को अधिक तेज, सरल एवं पारदर्शी बनाएगी। उन्होंने कहा कि वास्तुकारों द्वारा स्व-प्रमाणन, समयबद्ध एसएमएस एवं ई-मेल सूचनाओं और रियल-टाइम निगरानी डैशबोर्ड से विलंब कम करने, आवेदकों को नियमित रूप से सूचित रखने तथा नागरिक चार्टर की समय-सीमा का अनुपालन सुनिश्चित करने में सहायता मिली है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन प्रौद्योगिकी के माध्यम से कुशल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


