हरियाणा के सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मानसून सत्र के दूसरे दिन कहा कि प्रश्नकाल जनता के अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा करनी चाहिए।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि विधानसभा में प्रश्नकाल का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की जनता की समस्याओं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों को सरकार के समक्ष रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल को सुचारू रूप से चलने देना जनता के हित और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रश्नकाल की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के पूरी होने दी जानी चाहिए। इसके बाद विपक्ष सहित सभी सदस्य अन्य मुद्दों को नियमानुसार सदन में उठा सकते हैं और उन पर चर्चा की जा सकती है।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्वयं छह बार विधायक रह चुके हैं और उन्हें विधानसभा की कार्यवाही तथा संसदीय परंपराओं की पूरी जानकारी है। उन्होंने यह बात उस समय कही, जब विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रश्नकाल के दौरान अपनी बात रख रहे थे।


