नागरिकों की शिकायतों का उनके द्वार पर ही निवारण सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों के तहत उपायुक्त कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जन सुनवाई आयोजित की जा रही है। इन जन सुनवाइयों के दौरान उपायुक्त, चंडीगढ़, श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस, आम जनता से सीधे संवाद करते हुए उनकी शिकायतें सुनते हैं। नागरिक विभिन्न मामलों से संबंधित अपनी समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराते हैं। शिकायतों के समयबद्ध निवारण के लिए उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों और शाखाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश मौके पर ही जारी किए जाते हैं। जन सुनवाई के दौरान जारी निर्देशों के अनुपालन और शिकायतों की स्थिति की नियमित रूप से उपायुक्त कार्यालय की शिकायत एवं जांच शाखा द्वारा निगरानी एवं फॉलो-अप किया जाता है ताकि कोई भी शिकायत लंबित या अनदेखी न रहे।
इन जन सुनवाइयों के दौरान प्राप्त शिकायतें मुख्य रूप से संपत्ति के हस्तांतरण एवं पंजीकरण, उपायुक्त कार्यालय द्वारा विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करने, शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने तथा अन्य संबंधित प्रशासनिक मामलों से जुड़ी होती हैं। शिकायतों पर की गई त्वरित कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक जन सुनवाइयों के दौरान कुल 223 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 98 शिकायतों का मौके पर अथवा निर्धारित समय-सीमा के भीतर निवारण किया गया जबकि शेष 125 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित होने के कारण आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को भेजी गईं तथा उन्हें समयबद्ध तरीके से अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इस पहल के बारे में उपायुक्त, चंडीगढ़, श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस, ने कहा, “जिला प्रशासन नागरिकों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। जन सुनवाई आम जनता के साथ सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। मैंने सभी संबंधित अधिकारियों तथा शिकायत एवं जांच शाखा को प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से फॉलो-अप करने के निर्देश दिए हैं ताकि नागरिकों को अपनी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।”
उपायुक्त ने चंडीगढ़ के निवासियों से अपील की कि वे संपत्ति, प्रमाण पत्र तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित अपनी शिकायतों के निवारण के लिए इस सुविधा का लाभ उठाएं। उन्होंने नागरिक-केंद्रित एवं पारदर्शी शासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।


