भारत के डिजिटल शासन और जनकल्याण व्यवस्था में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में चंडीगढ़ आज सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्य सब्सिडी के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनेगा। इस पहल का शुभारंभ यू.टी. चंडीगढ़ प्रशासन के खाद्य एवं आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले एवं विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ में प्रातः 11:00 बजे आयोजित समारोह में किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थी परिवारों को खाद्यान्न सब्सिडी सीधे उनके व्यक्तिगत डिजिटल रुपी (e₹) वॉलेट में प्राप्त होगी। डिजिटल रुपी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी भारत की संप्रभु डिजिटल मुद्रा है। पारंपरिक रूप से बैंक खातों में नकद सब्सिडी अंतरण के बजाय लाभार्थी अपने e₹ सब्सिडी का उपयोग अधिकृत व्यापारियों से खाद्यान्न खरीदने के लिए कर सकेंगे। इस प्रकार सरकारी कोष से लेकर लाभार्थी के घर तक पूरी प्रक्रिया एक ही, सुगम और ट्रेसेबल डिजिटल माध्यम से पूरी होगी।
यह शुभारंभ चंडीगढ़ को एक राष्ट्रीय प्रयोग के अग्रिम पंक्ति में स्थापित करेगा, जिसमें पारंपरिक बैंक अंतरण के स्थान पर संप्रभु डिजिटल मुद्रा के माध्यम से जनकल्याणकारी राशि का अंतरण किया जाएगा।
देश के लिए एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट
अधिकारियों के अनुसार यह शुभारंभ केवल तकनीकी उन्नयन से कहीं अधिक है। यह नागरिकों तक सार्वजनिक धन पहुँचाने की व्यवस्था में एक संरचनात्मक बदलाव है। बैंक अंतरण के स्थान पर CBDC वॉलेट के माध्यम से सब्सिडी भेजने से एक सुरक्षित, पारदर्शी, प्रभावी और कैशलेस व्यवस्था तैयार होगी, जिसमें लेन-देन का अंत-से-अंत डिजिटल ट्रेल उपलब्ध होगा। इससे सरकार और लाभार्थी दोनों को वितरित की गई प्रत्येक राशि की वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी। चंडीगढ़ मॉडल को एक ऐसे स्केलेबल और दोहराए जा सकने वाले मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसे डिजिटल रुपी कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के साथ अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी अपना सकेंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
— Transparent, secure and direct transfer of food subsidy into beneficiaries’ Digital Rupee wallets, with no intermediary in the payment chain.
— An end-to-end digitally traceable transaction trail, designed to reduce leakages and strengthen accountability across the Public Distribution System.
— Faster, secure digital transactions backed directly by the Reserve Bank of India.
— Wider adoption of the Digital Rupee as a mainstream instrument for public payments.
— Strengthen India’s Digital Public Infrastructure and deeper financial inclusion for underserved households.
— A simpler, more dignified experience for beneficiaries, who will have real time information regarding their entitlement.
महीनों की तैयारी
आज का शुभारंभ महीनों की तैयारी के बाद हो रहा है। इसमें शहर भर में लाभार्थियों का ऑनबोर्डिंग, घर-घर सत्यापन अभियान, विशेष सुविधा शिविर, व्यापारियों का पैनल में शामिल किया जाना तथा यू.टी. चंडीगढ़ के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और पंजाब नेशनल बैंक के बीच निकट तकनीकी समन्वय शामिल रहा। इस व्यापक संपर्क अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यवस्था लागू होने पर कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रह जाए।
आज के शुभारंभ में क्या होगा
समारोह में माननीय प्रशासक, यू.टी. चंडीगढ़, माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, माननीय केंद्रीय शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री, माननीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री तथा भारत सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन, भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में CBDC आधारित PDS-DBT प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ, लाभार्थियों के डिजिटल रुपी वॉलेट में सब्सिडी का लाइव अंतरण, अधिकृत व्यापारी के यहां खरीद का मौके पर प्रदर्शन, लाभार्थी परिवारों के साथ संवाद तथा CBDC-सक्षम जनकल्याणकारी सेवाओं के उद्देश्यों, क्रियान्वयन, लाभ और दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
आगे की दिशा
खाद्य एवं आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग, यू.टी. चंडीगढ़, कल्याणकारी सेवाओं की डिलीवरी को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने वाली प्रौद्योगिकी को अपनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। आज के शुभारंभ के साथ चंडीगढ़ देश में किसी बड़े जनकल्याणकारी कार्यक्रम के साथ सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को एकीकृत करने वाला पहला कार्यशील उदाहरण बनेगा। भारत सरकार द्वारा डिजिटल रुपी आधारित लाभ अंतरण के देशव्यापी विस्तार पर विचार करते समय चंडीगढ़ मॉडल का गहन अध्ययन किए जाने की उम्मीद है।
EVENT DETAILS
कार्यक्रम
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत CBDC आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का शुभारंभ
दिनांक
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
समय
प्रातः 11:00 बजे
स्थान
टैगोर थिएटर, सेक्टर-18, चंडीगढ़


