*चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में 40 घंटे का सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न*
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा आयोजित 40 घंटे का सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आज चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार, 10 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था और शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के दौरान कुल 16 सामुदायिक मध्यस्थों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य गांवों और समुदायों के स्तर पर मध्यस्थता प्रक्रिया को मजबूत करना था ताकि स्थानीय विवादों का समाधान जमीनी स्तर पर ही किया जा सके।
समापन सत्र में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़, श्री अरुण कुमार अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री अरुण कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का दूसरा चरण है। उन्होंने कहा कि 16 सामुदायिक मध्यस्थों को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने से गांवों और समुदायों में मध्यस्थता व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों की समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर करने में मदद करेगी तथा समाज में सद्भाव और शांतिपूर्ण विवाद समाधान को बढ़ावा देगी। उन्होंने इस पहल को न्यायालयों पर लंबित मामलों के बोझ को कम करने और समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रशिक्षण एडवोकेट मनजीत कौर कोटिया और एडवोकेट सीमा पसरीचा द्वारा प्रदान किया गया। दोनों प्रशिक्षक MCPC, दिल्ली से संबद्ध प्रमाणित मास्टर ट्रेनर हैं। प्रशिक्षण के दौरान संचार कौशल, बातचीत एवं समझौता तकनीक, नैतिकता तथा विवाद समाधान के व्यावहारिक पहलुओं सहित मध्यस्थता के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी सामुदायिक मध्यस्थों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
SLSA, चंडीगढ़ यू.टी. चंडीगढ़ में प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थों के नेटवर्क का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि समुदाय के स्तर पर लोगों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सके।


