हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने गुरुवार की दोपहर बाद स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह तथा महेंद्रगढ़ जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जारी कार्यों की प्रगति की समीक्षा तथा भविष्य में होने वाले सुधारों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में प्रदेश के सभी विधायकों की बैठक में गुरुग्राम शहर में नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए थे। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते शहर के नागरिकों के प्रति मेरी जवाबदेही है। ऐसे में गुरुग्राम शहर के साथ-साथ पूरे एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) लगने से पहले धरातल पर दिखना चाहिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई हो रही है।
*प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की होगी नियमित समीक्षा*
वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे सभी आवश्यक कदमों की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित उपायों और उनकी प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, ताकि कार्यों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। इस रिपोर्ट के आधार पर नगर निगमों व जीएमडीए को भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे।
उन्होंने एनसीआर के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, जिससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, नियमित निरीक्षण और नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके।
*निर्माण स्थलों और आरएमसी प्लांट पर विशेष निगरानी*
राव नरबीर सिंह ने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए निर्माण स्थलों (कंस्ट्रक्शन साइट्स), रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट और सड़कों की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए तथा निर्धारित मानकों की अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न प्रदूषण स्तरों एवं संबंधित श्रेणियों के तहत अलग-अलग स्थानों से सैंपल लेने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा बल्क वेस्ट जनरेटर से अधिक से अधिक सैंपल एकत्रित कर जांच करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी उपायों की नियमित निगरानी, समयबद्ध समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में मौजूद अधिकारियों से प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर सुझाव भी लिए गए। इस बैठक में संबंधित जिलों के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ), एएई व साइंटिस्ट (बी) आदि अधिकारी उपस्थित रहे।


