चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) ने रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3080 के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय ई-कचरा दिवस के अवसर पर 14 अक्टूबर, 2026 को पर्यावरण भवन, सेक्टर 19-बी, चंडीगढ़ में ‘प्रोजेक्ट पुनर्जन्म—प्रौद्योगिकी का पुनर्जन्म’ की शुरुआत की।
इस पहल के तहत नियामक प्राधिकरणों, नागरिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और पर्यावरण से जुड़े हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर इलेक्ट्रॉनिक कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन, अधिकृत माध्यमों से पुनर्चक्रण और संसाधनों के पुनः उपयोग पर आधारित सतत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। व्यापक जागरूकता अभियानों के माध्यम से निवासियों को अनुपयोगी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं को सौंपने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संग्रह की सुविधा के लिए चंडीगढ़ में एक समर्पित ई-कचरा संग्रह वाहन संचालित किया जाएगा। ‘हरित कल के लिए आज ही पुनर्चक्रण करें’ के ध्येय के साथ परियोजना का उद्देश्य ई-कचरा प्रबंधन का ऐसा टिकाऊ मॉडल विकसित करना है, जिसे क्षेत्र के अन्य स्थानों पर भी अपनाया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीसीसी के सदस्य सचिव ने अनौपचारिक एवं असंगठित कबाड़ कारोबार के माध्यम से ई-कचरे के अनुचित निपटान से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने ई-कचरे के सुरक्षित रखरखाव एवं निपटान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और प्रतिभागियों से ई-कचरा केवल अधिकृत एजेंसियों को सौंपने का आग्रह किया।
रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3080 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति रोटरी की प्रतिबद्धता दोहराई और नागरिकों से ई-कचरे के जिम्मेदार पुनर्चक्रण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर मैसर्स शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के समर्पित ई-कचरा संग्रह वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही परियोजना के तहत संग्रह कार्य शुरू हुआ।
निवासियों से अपील की गई है कि वे ई-कचरे को असंगठित कबाड़ विक्रेताओं को देने या बेचने से बचें और अधिकृत संग्रह व्यवस्था का उपयोग करें। ई-कचरा उठवाने के लिए 98829 71255 या 82880 79366 पर कॉल अथवा संदेश भेजा जा सकता है।



