आयुर्वेद दिवस समारोह एवं पोषण माह के अंतर्गत निदेशालय आयुष, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा डड्डूमाजरा स्थित कम्पोजिट बिल्डिंग में एक व्यापक सामुदायिक स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की रोकथाम, योग तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन निदेशक आयुष, डॉ. अतुल एन. धकने के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने शिविर के दौरान लाभार्थियों एवं स्थानीय समुदाय के सदस्यों से संवाद किया तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान गर्भावस्था योग (Pregnancy Yoga) पर विशेष जोर दिया गया। पोषण माह कार्यक्रम के अंतर्गत निदेशक आयुष द्वारा इसकी शुरुआत की गई। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित एवं लाभकारी योगाभ्यास, स्वस्थ जीवनशैली तथा संतुलित दिनचर्या बनाए रखने के महत्व के बारे में जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में भगवान धन्वंतरि की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन भी किया गया, जो आयुर्वेद की समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण की परंपरा एवं दृष्टिकोण को दर्शाता है।
शिविर के दौरान आयुष टीम द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका लाभ स्थानीय समुदाय के लोगों ने उठाया:
* योग जागरूकता एवं जीवनशैली में सुधार: 105 लाभार्थियों ने भाग लिया तथा उन्हें योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
* गिलोय वितरण एवं जागरूकता: 45 लाभार्थियों को गिलोय/औषधीय पौधे वितरित किए गए तथा इसके पारंपरिक स्वास्थ्य संबंधी उपयोगों के बारे में जानकारी दी गई।
* आहार एवं पोषण जागरूकता: महिलाओं को संतुलित आहार, स्वस्थ खान-पान की आदतों, पर्याप्त पोषण तथा एनीमिया की रोकथाम के उपायों के संबंध में परामर्श दिया गया।
* एनीमिया जांच एवं रक्तचाप की निगरानी: 64 लाभार्थियों की एनीमिया संबंधी जांच की गई तथा बुनियादी स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की गई।
* आयुर्वेदिक परामर्श: 54 लाभार्थियों को आयुर्वेदिक परामर्श, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन एवं औषधियां प्रदान की गईं।
* होम्योपैथिक परामर्श: 51 लाभार्थियों को होम्योपैथिक परामर्श एवं औषधियां प्रदान की गईं।
* स्वस्थ जीवनशैली की शपथ: लाभार्थियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा दैनिक जीवन में स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़ी अच्छी आदतों को शामिल करने की शपथ ली।
वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. आरती वर्मा सहित आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों, योग प्रशिक्षक तथा आयुष टीम के अन्य सदस्यों ने शिविर में सक्रिय रूप से भाग लिया और समुदाय को स्वास्थ्य परामर्श, काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान की।
शिविर का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की रोकथाम, स्वच्छता, योग तथा स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जागरूकता को सुदृढ़ करना था। साथ ही, आयुष पद्धतियों को निवारक, प्रोत्साहक एवं समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में बढ़ावा देना भी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।
पोषण माह एवं आयुर्वेद दिवस के अंतर्गत आयोजित यह पहल चंडीगढ़ प्रशासन के निदेशालय आयुष की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी सुविधाओं तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों को समुदाय के और अधिक निकट लाया जाए तथा स्वस्थ एवं निवारक जीवनशैली के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।


