बजट परिव्यय में 8 गुना और समर्थित वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एथलीटों की संख्या में लगभग 10 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि
2036 ओलंपिक के विज़न और ‘खेलो भारत नीति 2025’ के अनुरूप योजना का पुनर्गठन
व्यापक प्रतिभा विकास के तहत 30 प्राथमिकता वाले खेल विधाओं में 9,000 खेलो इंडिया एथलीटों (KIA) और 18,000 इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीटों (E-KIA) को तैयार किया जाएगा
36441 करोड़ रुपए के कुल बजट के साथ जमीनी स्तर से लेकर एलीट स्तर तक खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा बढ़ावा
चयनित एथलीटों को कोचिंग, आवास-आहार (डाइट), किट, यात्रा, मेडिकल, शिक्षा और प्रतियोगिता के अधिक अवसर प्रदान किए जाएंगे
कोचों के मानकीकरण के लिए ‘राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड’ (NCAB) और एआई-संचालित ‘खेल सेतु’ डिजिटल प्लेटफॉर्म की होगी शुरुआत
जीरकपुर, 17 सितंबर 2026
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘खेलो भारत नीति 2025’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए खेलो इंडिया योजना (2026–31) के महत्वाकांक्षी विस्तार की घोषणा की है। इस नए चरण का प्राथमिक लक्ष्य भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को जमीनी स्तर (ग्रासरूट) से लेकर शीर्ष (एलीट) स्तर तक मजबूत करना और देश के 2036 ओलंपिक रोडमैप को ठोस आधार प्रदान करना है। इस पुनर्गठित योजना के तहत पिछले परिव्यय की तुलना में बजट में 8 गुना और समर्थित एथलीटों की संख्या में लगभग 10 गुना वृद्धि का प्रावधान किया गया है। योजना का कुल अनुमानित बजट 36441 करोड़ रुपए तय किया गया है।
इस सम्बन्ध में प्रेसवार्ता के दौरान विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय जीरकपुर के क्षेत्रीय निदेशक (प्रभारी) श्री शैलेन्द्र कुमार ने बताया की देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और युवा एवं खेल मंत्री श्री मनसुख माण्डवीय जी के नेतृत्व में तैयार इस योजना का मुख्य लक्ष्य गांवों और छोटे शहरो से कम उम्र के खिलाडियों की पहचान करना, एथलीटों को आधुनिक खेल विज्ञान, एआई – आधारित एनालिस्टिक्स, कोचिंग और विश्व स्तरीय पोषण उपलब्ध करवाना है। वहीँ इस निति के माध्यम से राष्ट्रिय शिक्षा निति 2020 के तहत खेल को समग्र शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाना है। खेलो इंडिया 3.0 के माध्यम से नेशनल स्पोर्ट्स रिपॉजिटरी और एथलीट मैनेजमेंट सिस्टम जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर खिलाडियों को अनुकूल अवसर प्रदान कर देश को खेल महाशक्ति बनाने का संकल्प है।
योजना के प्रमुख मुख्य बिंदु
1 . खेल अवसंरचना का त्रि-स्तरीय ढांचा (Sports Infrastructure)
अवसंरचना विकास के अंतर्गत मेडल रणनीति के लिए खेल अवसंरचना, रणनीतिक खेल परिसंपत्तियों का सुदृढ़ीकरण, और खेल अवसंरचना विकास के लिए राज्य कार्य योजना को शामिल किया जाएगा।
2 . मेडल रणनीति हेतु अवसंरचना (Infrastructure for Medal Strategy):
18 प्राथमिकता वाले खेलों में हाई-परफॉर्मेंस प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना। 30 ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की खेल विधाओं में मौजूदा अवसंरचना की मैपिंग की जाएगी, और गैप एनालिसिस (कमियों के विश्लेषण) के आधार पर मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 30 प्राथमिकता वाले खेल विधाओं में 9,000 खेलो इंडिया एथलीटों (KIA) और 18,000 इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीटों (E-KIA) को तैयार किया जाएगा।
3 . राज्य कार्य योजना (State Action Plan):
केंद्र प्रायोजित योजना में सहकारी संघवाद के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की मांग के अनुसार जमीनी स्तर की खेल अवसंरचना का विकास (सामान्य राज्यों के लिए 60:40 तथा पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का वित्तीय अनुपात) किया जाएगा।
4 . खेल प्रतियोगिताएं और लीग प्रणाली (Competitions & Leagues)
खेलो इंडिया युवा, विश्वविद्यालय, पैरा, शीतकालीन, बीच, जनजातीय और जल खेल आयोजनों के साथ-साथ अस्मिता (ASMITA) महिला लीग जैसे प्रमुख आयोजनों के अलावा स्कूल, विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय, जोनल और खेल-विशिष्ट लीगों को सुदृढ़ करेगा।
नई खेल लीग: शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप स्कूल और यूनिवर्सिटी लीग तथा खेल-विशिष्ट क्षेत्रीय लीगों की शुरुआत होगी।
थीमैटिक एवं समावेशी खेल: ‘अस्मिता’ (ASMITA) महिला लीग, बीच गेम्स, वाटर स्पोर्ट्स, जनजातीय खेल, पूर्वोत्तर खेल, मार्शल आर्ट्स और स्वदेशी खेलों को बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है।
शांति एवं विकास: सीमावर्ती और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को खेल की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित होंगे।
5 . प्रतिभा पहचान एवं प्रशिक्षण का विस्तार (Talent ID & KITF)
एथलीट वर्गीकरण: इसके तहत एथलीटों को ‘खेलो इंडिया एथलीट’ (KIA) और ‘इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट’ (E-KIA) के रूप में वर्गीकृत कर समग्र वित्तीय व तकनीकी सहायता दी जाएगी।
नए प्रशिक्षण केंद्र: क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत खेल और स्कूली शिक्षा के समन्वय के लिए खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय (KIUV) और खेलो इंडिया फीडर स्कूल (KIFS) स्थापित किए जाएंगे।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया: प्रतिभा खोज के लिए जोनल कमेटियों (TIZC) और राष्ट्रीय स्तर पर खेल-विशिष्ट समितियों (TIDC) के जरिए वैज्ञानिक परीक्षण लागू किए जाएंगे।
साईं क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के अंतर्गत 2 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE), 6 साईं ट्रेनिंग सेंटर, 46 खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियां (KIAA), 6 खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (KICoE) और 152 से अधिक खेलो इंडिया सेंटर्स (KIC) के जरिए प्रशिक्षण नेटवर्क संचालित है। खेलो इंडिया 3.0 के बाद इनकी संख्या में वृद्धि होगी, जिससे प्रतिभा युक्त अधिक खिलाडियों को अवसर प्राप्त होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भौगोलिक स्थिति खेल विकास में बाधा न बने।
6 . कोच एवं सहायक स्टाफ का मानकीकरण (NCAB का गठन)
यह योजना अंतरराष्ट्रीय अनुभव (exposure), व्यवस्थित कौशल विकास और राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (NCAB) की स्थापना के माध्यम से योग्य कोचों, खेल वैज्ञानिकों और सहायक कर्मचारियों की कमी को दूर करने का प्रयास करती है। राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (National Coach Accreditation Board – NCAB) का गठन किया जा रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के तहत यह शीर्ष निकाय कोचों के लिए 4-स्तरीय (L1 से L4) राष्ट्रीय मानक, डिजिटल कोच रजिस्ट्री और सर्टिफिकेशन प्रणाली तय करेगा।
7. खेलो इंडिया
एसटीसी, खेलो इंडिया केंद्र, केआईएए और उच्च स्तरीय सुविधाओं सहित व्यापक प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र का युवा खिलाड़ी बुनियादी प्रशिक्षण के लिए तुरंत बाहर जाने को मजबूर न हो। साई क्षेत्रीय कार्यालय ने ऐतिहासिक रूप से कई ओलंपिक और पारंपरिक खेलों में असाधारण खिलाड़ी दिए हैं। संशोधित खेलो इंडिया योजना मौजूदा प्रतिभा क्लस्टरों को मजबूत करने और नए क्लस्टरों की पहचान करने पर विशेष बल देगी, ताकि क्षेत्र की खेल क्षमता को व्यवस्थित रूप से तराशा जा सके, न कि केवल इस बात पर निर्भर रहा जाए कि खिलाड़ी व्यक्तिगत स्तर पर बाहर जाकर अवसर तलाशें।
8 . फिट इंडिया मूवमेंट (Fit India Movement)
जन-आंदोलन के तहत “फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज़” के संदेश को घर-घर पहुँचाया जा रहा है। भविष्य में इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा।
नमो फिट इंडिया क्लब्स, संडेज़ ऑन साइकिल, फ्रीडम रन और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) के साथ समन्वय कर राष्ट्रीय फिटनेस कैलेंडर लागू किया जाएगा।
विस्तारित फिट इंडिया मूवमेंट सामुदायिक फिटनेस हब, जनभागीदारी, योग और पारंपरिक/स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देगा, साथ ही महिलाओं और दिव्यांगजनों की भागीदारी बढ़ाएगा और संस्थानों व सामुदायिक संगठनों के साथ साझेदारी को मजबूत करेगा।
9 . स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी: ‘खेल सेतु’ डिजिटल प्लेटफॉर्म (Khel Setu)
नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के सहयोग से एआई-संचालित एकीकृत ‘खेल सेतु’ प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है। इसमें यूनिफाइड एथलीट आईडी, टैलेंट स्काउटिंग मेट्रिक्स, गेम्स मैनेजमेंट और ग्रीवेंस रिड्रेसल की सुविधा होगी, जो डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट 2023 का पूरी तरह पालन करेगी।
इस योजना का उद्देश्य 10 खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालयों, 500 फीडर स्कूलों और 2,500 खेलो इंडिया केंद्रों के माध्यम से एक मानकीकृत, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रतिभा पहचान प्रणाली स्थापित करना है।
एक नया प्रौद्योगिकी घटक एथलीट की पूरी यात्रा की शुरू से अंत तक डिजिटल ट्रैकिंग सुनिश्चित करेगा, जिसमें एआई/वीडियो-आधारित प्रतिभा खोज, आईओटी वियरेबल्स, खेल विज्ञान, एआई प्रदर्शन विश्लेषण, प्रतियोगिता प्रबंधन, खेल शिक्षा, करियर के बाद का बदलाव (post-career transition) और आजीवन स्वास्थ्य प्रबंधन शामिल हैं।


