मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग, यूटी चंडीगढ़ ने आज शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के एनएसएस प्रकोष्ठ के सहयोग से गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच), सेक्टर-16, चंडीगढ़ में परियोजना ‘सारथी’ का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया।
इस परियोजना का शुभारंभ स्वास्थ्य सेवा निदेशक, चंडीगढ़ डॉ. सुमन सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परमजीत सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. संदीप बंसल सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी तथा एनएसएस टीम के सदस्य उपस्थित थे।
परियोजना ‘सारथी’ मरीजों की सहायता के लिए शुरू की गई एक विशेष पहल है, जिसके माध्यम से अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके तीमारदारों को आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग तथा विभिन्न सेवाओं तक पहुंचने में सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल से विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों तथा अस्पताल की प्रक्रियाओं और सेवाओं से अपरिचित लोगों को लाभ मिलेगा।
परियोजना के तहत प्रशिक्षित ‘सारथी’ मरीजों को अस्पताल के विभिन्न क्षेत्रों में जाने में सहायता करेंगे तथा उन्हें संबंधित विभागों, जांच सुविधाओं, पंजीकरण काउंटरों और अन्य आवश्यक अस्पताल सेवाओं तक पहुंचने का मार्गदर्शन देंगे। वे मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल की कार्यप्रणाली समझने तथा समय पर और सुविधाजनक तरीके से सेवाएं प्राप्त करने में भी सहयोग करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य मरीजों और उनके तीमारदारों को होने वाली परेशानियों को कम करना, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाना, भ्रम तथा प्रतीक्षा से होने वाली असुविधा को न्यूनतम करना और अस्पताल में अधिक स्वागतपूर्ण एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करना है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा निदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल रोग की जांच और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है कि प्रत्येक मरीज को गरिमा, संवेदनशीलता और सहजता के साथ आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हों। परियोजना ‘सारथी’ मरीज-अनुकूल दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने तथा जीएमएसएच-16 को अधिक सुलभ और उत्तरदायी स्वास्थ्य संस्थान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा विभाग के एनएसएस प्रकोष्ठ के सहयोग से प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को मरीजों की सहायता एवं सहयोग के कार्य से जोड़ा जाएगा। इससे इस पहल को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवा स्वयंसेवकों में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना ‘सारथी’ जीएमएसएच-16 में मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता तंत्र के रूप में उभरेगी और उनके समग्र अस्पताल अनुभव को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय योगदान देगी।


