पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने युवा खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध कराने और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए समान अवसर सृजित करने के कम्पीटेंट फाउंडेशन के निरंतर प्रयासों की सराहना की।
चंडीगढ़ स्थित लोक भवन के बैंक्वेट हॉल में कम्पीटेंट फाउंडेशन द्वारा आयोजित खेल किट वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि यह पहल केवल खेल किट के वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा में विश्वास, समान अवसर, सामाजिक संवेदनशीलता और खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास निर्माण का प्रतीक है।
इससे पहले, कम्पीटेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री संजय टंडन ने फाउंडेशन द्वारा संचालित विभिन्न पहलों तथा ‘हंसते-खेलते’ अभियान की यात्रा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम वर्ष 2021 में शुरू किया गया था और बाद में इसका विस्तार कर प्रतिभाशाली युवा एवं दिव्यांग खिलाड़ियों को भी सहायता प्रदान की गई।
राज्यपाल ने कहा कि आर्थिक तंगी अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी बच्चे या खिलाड़ी, विशेषकर दिव्यांग खिलाड़ियों, को अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “सच्ची प्रतिभा कभी भी महंगे उपकरणों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि अवसर सीधे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों तक पहुंचें।”
‘हंसते-खेलते’ पहल की यात्रा की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इसके शुरुआती चार वर्षों के दौरान 12 सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद विद्यार्थियों को 600 स्कूल किट वितरित की गईं। इसके बाद शिक्षा विभाग के परामर्श से इस पहल का विस्तार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सहयोग देने के लिए किया गया। अब तक चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के 10 खेल विधाओं से जुड़े 350 से अधिक युवा खिलाड़ियों को खेल किट प्रदान की जा चुकी हैं।
उन्होंने दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रति फाउंडेशन के समावेशी दृष्टिकोण की विशेष रूप से सराहना की। जीआरआईआईडी (GRIID) को खेल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 17 दिव्यांग खिलाड़ियों को भी सहयोग प्रदान किया गया है। पहल के छठे वर्ष में बैडमिंटन, टेनिस, एथलेटिक्स और फुटबॉल से जुड़े 32 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल किट प्रदान की जा रही हैं।
श्री कटारिया ने स्वर्गीय श्री बलरामजी दास टंडन से जुड़ी सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कम्पीटेंट फाउंडेशन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनसेवा के उनके आदर्श आज भी जनकल्याणकारी पहलों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। राज्यपाल ने पिछले दो दशकों के दौरान फाउंडेशन द्वारा किए गए सामाजिक सेवा कार्यों की भी सराहना की, जिनमें रक्तदान शिविरों का आयोजन, सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता तथा पीजीआईएमईआर में प्रत्येक माह 10 नेत्र सर्जरी का प्रायोजन शामिल है।
श्री कटारिया ने दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए सुगम खेल अवसंरचना, समावेशी प्रशिक्षण सुविधाओं तथा समान अवसर सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में चंडीगढ़ की प्रमुख हस्तियों के अलावा खिला
ड़ी, उनके अभिभावक, प्रशिक्षक और फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने सभी युवा खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके परिवारों, चंडीगढ़ तथा राष्ट्र का नाम रोशन करने के लिए सफलता की शुभकामनाएं दीं।


