हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अधिकारों के साथ मर्यादा और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। विरोध के नाम पर नियम तोड़ना अथवा सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। किसी कर्मचारी पर अपना राजनीतिक गुस्सा निकालना उचित नहीं है। कांग्रेस के विधायकों ने मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा के गेट पर ही नहीं, भीतर भी सदन की गरिमा को तार-तार किया
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह बात मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के समापन अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि तीन दिन चले इस सत्र में तीन बैठकें हुईं और लगभग 16 घंटे सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सत्र को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की अपनी गरिमा, परंपराएं और सुरक्षा संबंधी नियम हैं। यदि किसी व्यवस्था के तहत नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं है, तो प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह उस व्यवस्था का पालन करे। केवल विधायक होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई व्यक्ति नियम और कानून से ऊपर हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर भी हैरानी हुई कि कुछ कांग्रेस विधायक विरोध प्रदर्शन को विधानसभा के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की तक ले गए और इस घटनाक्रम में नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि श्री हुड्डा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं और आज नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ नेता से संयम और मर्यादा की अपेक्षा स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के पास मुद्दों का घोर अभाव है और मुद्दा विहीन कांग्रेस जिस गति से झूठ फैलाती है उस गति से तो हवा भी नहीं चलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीतियों व योजनाओं के कारण आज भारत के विकास की चर्चा भारत में नहीं बल्कि भारत से बाहर भी हो रही है।
सुरक्षा कर्मियों के सम्मान की जरूरत :
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के गेट पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहा होता है। जिस प्रकार विधानसभा सदस्य की अपनी गरिमा है, उसी प्रकार ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी सम्मान का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी पर अपना राजनीतिक गुस्सा निकालना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे घटनाक्रम पर आत्मचिंतन करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी या सुरक्षाकर्मी के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसके लिए खेद व्यक्त करने में किसी नेता का कद छोटा नहीं, बल्कि बड़ा होता है।
1984 के दंगों से संबंधित पोस्टर पर भी जताई आपत्ति :
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा विधानसभा की गरिमा को केवल गेट पर ही नहीं, बल्कि सदन के अंदर भी तार-तार करने का काम किया गया। उन्होंने 27 अगस्त को सदन में कांग्रेस पार्टी से चुने गए एक सिख-दलित विधायक द्वारा दिखाए गए पोस्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें 1984 के दंगों के आरोपियों को रोल मॉडल बताने वालों से माफी की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार का पोस्टर दिखाया जाना और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष के इशारे पर उसे उनके लाडले विधायक द्वारा छीना जाना तथा अपमानजनक ढंग से सदन में फेंकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस घटना से कानून के साथ-साथ इंसानियत भी तार-तार हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 के दंगों के दौरान लोगों के साथ किस प्रकार अत्याचार हुआ और सिख महिलाओं के साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार किया गया, यह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने भी कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता की ओर से उसी प्रकार की सफाई देते नजर आना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मानसून सत्र में तीन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा :
मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान तीन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें कानून-व्यवस्था, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) तथा विश्वविद्यालयों में Contractual शिक्षकों से संबंधित विषय शामिल थे।
एचकेआरएनएल को लेकर विपक्ष पर तथ्यों के साथ जवाब:
मुख्यमंत्री ने एचकेआरएनएल के संबंध में कहा कि विपक्ष इस विषय पर इतिहास के अधूरे पन्ने दिखाकर केवल राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने एचकेआरएनएल के माध्यम से व्याप्त ठेकेदारी, बिचौलियापन, शोषण और अपारदर्शिता को समाप्त करने का काम किया है तथा व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और कर्मचारी-केंद्रित बनाया है।
उन्होंने बताया कि एचकेआरएनएल के तहत एक कैलेंडर वर्ष में 10 चिकित्सा अवकाश और 10 आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है। महिला कर्मचारियों को 22 दिन आकस्मिक अवकाश का लाभ दिया जा रहा है।
गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर सरकार का संकल्प :
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि मानसून सत्र में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित देशव्यापी ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ पर सरकारी प्रस्ताव पारित किया गया।
उन्होंने बताया कि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष में डेरा सचखंड बल्लां, जालंधर से वाराणसी तक जाने वाली समरसता यात्रा आगामी 5 अक्टूबर को हरियाणा पहुंचेगी। यात्रा के स्वागत के लिए इसके मार्ग में पूरे प्रदेश में प्रवेश द्वार और स्वागत स्थल तैयार किए जाएंगे तथा जनसभाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने तथा बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
दिवंगतों को श्रद्धांजलि और विधायी कार्य :
मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्र के पहले दिन संयुक्त पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य चौधरी सही राम बिश्नोई, हरियाणा विधानसभा के पूर्व सदस्य श्री राजपाल भुखड़ी, हरियाणा के शहीद तथा रोहतक डी-पार्क बाजार, झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव के कुएं में जहरीली गैस के कारण हुई दुखद दुर्घटना तथा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
उन्होंने बताया कि सदन के पटल पर रखे गए 15 विधेयकों पर चर्चा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायकों ने सार्थक चर्चा की और उनके द्वारा किया गया विचार-मंथन एवं निर्णय अत्यंत रचनात्मक और उपयोगी रहा।
सभी विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष का आभार :
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने सत्र के दौरान सभी सदस्यों को खुलकर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने सभी विधायकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सार्थक चर्चा में भाग लिया। उन्होंने मानसून सत्र को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडियाकर्मियों का भी धन्यवाद किया।
इस अवसर पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव के मकरंद पांडुरंग, विभाग के निदेशक डॉ आदित्य दहिया, अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


