हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज किसी एक जाति, वर्ग या समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरी मानवता के महान संत और प्रेरणास्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानव सेवा का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा संत गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को भव्य रूप से मनाने का प्रस्ताव सदन में रखा गया है, जिसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
विकास एवं पंचायत मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सदन में लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि जी, संत कबीर दास जी सहित महान संतों की वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज है। उन्होंने कहा कि जब समाज में छुआछूत और भेदभाव चरम पर था, तब संत गुरु रविदास जी महाराज ने लोगों को समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि संतों और गुरुओं ने सदैव समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य किया है। संत गुरु रविदास जी, संत कबीर दास जी और अन्य महान संतों की वाणी आज भी समाज को एकजुट रहने और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद से ही विभिन्न संतों और महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की मांग समय-समय पर उठती रही, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया। वर्ष 2014 में जब श्री मनोहर लाल मुख्यमंत्री बने, उस समय फरीदाबाद में हुई बैठक में अनुसूचित समाज के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे संत गुरु रविदास जी, गुरु वाल्मीकि जी, संत कबीर दास जी और डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इस मांग को स्वीकार करते हुए सभी संतों और महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की प्रक्रिया शुरू की।
कलश यात्रा पर विधायक गीता भुक्कल के सवाल का जवाब देते हुए श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि संत गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 30 जून को वाराणसी से कलश यात्रा शुरू हुई थी, जिसमें 27 राज्यों के जनप्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे। यह यात्रा देश के 27 राज्यों से होकर गुजरेगी और हरियाणा भी इसका महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पहुंचने पर गुरुग्राम में इस कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गुरुग्राम शहर में विभिन्न समाजों और संस्थाओं ने अलग-अलग स्थानों पर स्वागत द्वार बनाकर यात्रा का अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद कलश को प्रदेश के सभी जिलों में भेजा गया और अब यह यात्रा गांव-गांव तक पहुंच रही है। प्रदेश सरकार के मंत्री भी इस यात्रा में शामिल होकर लोगों को संत गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और उनके संदेश से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं सिर पर पवित्र कलश रखकर कलश यात्रा को रवाना किया था।
श्री पंवार ने सदन के सभी सदस्यों से अपील की कि संत गुरु रविदास जी महाराज की कलश यात्रा में सभी बढ़-चढ़कर योगदान दें, ताकि आने वाली युवा पीढ़ी को महान संतों और गुरुओं के संघर्ष, उनके विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी का प्रभाव इतना व्यापक था कि तत्कालीन शासकों और प्रभावशाली लोगों तक ने उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा का मार्ग अपनाया।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज ने सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाकर समानता और मानवता का संदेश दिया। ऐसे महान संत के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की श्रद्धा और सम्मान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह पवित्र कलश यात्रा केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जालंधर से हरियाणा होते हुए राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में जाएगी और 27 राज्यों को कवर करेगी। यह यात्रा 20 फरवरी, 2027 को संपन्न होगी।


