हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान जो दस विधेयक प्रस्तुत किए गए, उनमें हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026, हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, हरियाणा स्थानीय लेखा-परीक्षा विधेयक, 2026, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य भौतिक-चिकित्सा परिषद् (निरसन) विधेयक, 2026, हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संशोधन विधेयक, 2026 तथा हरियाणा कारोबार का अधिकार अधिनियम, 2026 शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, चार विधेयक चर्चा उपरांत पारित भी किए गए। पारित किए गए विधेयकों में हरियाणा न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 और हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक, 2026 शामिल हैं।
हरियाणा न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा न्यायालय अधिनियम, 1918 को संशोधित करने के लिए हरियाणा न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।
रजिस्ट्रार जनरल, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ ने राज्य सरकार को सूचित किया कि पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 (हरियाणा राज्य पर लागू) की धारा 30 में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1865 (1865 का X) तथा पुष्टि एवं प्रशासन अधिनियम, 1881 (1881 का V) का उल्लेख है, हालांकि इन्हें भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 ने निरस्त कर दिया था।
इसलिए, इस संदिग्धता को दूर करने के लिए, उच्च न्यायालय प्रशासन ने पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 (हरियाणा राज्य पर लागू) की धारा 30 की उपधारा (2) के खंड (क) में मौजूद भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1865 (1865 का X) तथा पुष्टि एवं प्रशासन अधिनियम, 1881 (1881 का V) शब्दों की जगह “भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925” शब्द रखने की सिफारिश की है।
हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 को संशोधित करने के लिए हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।
भारत सरकार के मंत्रिमंडलीय सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ द्वारा दोहरे लाइसेंस की आवश्यकता को समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव, हरियाणा द्वारा बूचड़खानों एवं मांस की दुकानों के लिए व्यापार लाइसेंस की अनिवार्यता को हटाने हेतु समीक्षा तथा विचार करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा को निर्देश दिया गया।
उक्त प्रकार के व्यापार/गतिविधियों को हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा भी विनियमित किया जा रहा है। उक्त संशोधनों से दोहरे लाइसेंस की आवश्यकता समाप्त होगी तथा अनुपालन के बोझ को कम करके आम जनता को राहत मिलेगी। साथ ही, इसे 30 जून, 2026 तक पूर्ण किया जाना अपेक्षित था।
हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंत्रिपरिषद की बैठक में 22 जून, 2026 को पारित किया गया तथा इसे 28 जून, 2026 को प्रकाशित किया गया।
अतः हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 में आवश्यक संशोधन करने के लिए हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 अधिनियमित किया जाना आवश्यक है।
हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 को संशोधित करने के लिए हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।
भारत सरकार के मंत्रिमंडलीय सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ द्वारा दोहरे लाइसेंस की आवश्यकता को समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव, हरियाणा द्वारा बूचड़खानों एवं मांस की दुकानों के लिए व्यापार लाइसेंस की अनिवार्यता को हटाने हेतु समीक्षा तथा विचार करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा को निर्देश दिया गया।
उक्त प्रकार के व्यापार को हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा भी विनियमित किया जा रहा है। उक्त संशोधनों से दोहरे लाइसेंस की आवश्यकता समाप्त होगी तथा अनुपालन के बोझ को कम करके आम जनता को राहत मिलेगी। साथ ही, इसे 30 जून, 2026 तक पूर्ण किया जाना अपेक्षित था।
अतः हरियाणा नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को 22 जून, 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पारित किया गया तथा 26 जून, 2026 को प्रकाशित किया गया।
हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक, 2026
बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल और इसके विन्यासों के साथ-साथ पूजास्थल से संबद्ध या आनुषंगिक भूमियों और निर्माणों के बेहतर प्रबंधन, प्रशासन और अभिशासन के लिए उपबंध करने हेतु हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक, 2026 पारित किया गया।
जिला पानीपत के समालखा में ग्राम चुलकाना के राजस्व संपदा में स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर (धाम) एक प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर है, जो हरियाणा एवं पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं/तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत पवित्र एवं आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु यहां देवता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के लिए अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। उक्त धाम श्री खाटू श्याम जी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें हिंदू परंपराओं के अनुसार कलियुग के भगवान के रूप में पूजा जाता है।
बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल तथा तीर्थ मंदिर से संलग्न या आनुषंगिक भूमियों एवं भवनों सहित उसके दान का बेहतर प्रबंधन करने, प्रशासन तथा शासन उपलब्ध करवाने तथा दर्शन करने वाले भक्तों को बेहतर सुख-सुविधाएं व सहूलियतें एवं शिष्यों, तीर्थयात्रियों व उपासकों का स्वास्थ्य सुरक्षित करने, सुरक्षा एवं सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक, 2026 अधिनियमित करने का निर्णय लिया गया है।


