उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी इसे निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य बनाती है। हरियाणा का लगभग हर जिला नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और अब राज्य के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में करीब साढ़े तीन घंटे से अधिक समय नहीं लगता, जबकि 2014 से पहले पहले यही दूरी तय करने में 7-8 घंटे लगते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखता है।
श्री राव नरबीर सिंह ने निवेशकों का हरियाणा में निवेश के लिए आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में उद्योगों को हर वह सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी एक उद्योगपति अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम आज दुनिया के प्रमुख उद्योगों और कंपनियों का केंद्र बन चुका है और हरियाणा सरकार निवेशकों के स्वागत तथा उनकी हर आवश्यकता को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से विश्वास दिलाया कि हरियाणा में निवेश करने वाले किसी भी उद्यमी को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
हरियाणा सरकार का निवेशकों को मजबूत, विश्वसनीय और अनुकूल वातावरण प्रदान करने का भरोसा – डॉ अमित अग्रवाल
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार आज यहां निवेशकों को केवल आमंत्रित करने नहीं, बल्कि उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए एक मजबूत, विश्वसनीय और अनुकूल वातावरण का भरोसा देने आई है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 1.3 प्रतिशत और जनसंख्या करीब 2 प्रतिशत है, लेकिन हरियाणा राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय करीब 4 लाख रुपये है। पिछले कुछ सालों में जीएसटी संग्रह के मामले में हरियाणा ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि देश में बनने वाली करीब दो-तिहाई पैसेंजर कारें, लगभग 60 प्रतिशत मोटरसाइकिलें तथा ट्रैक्टर और रेफ्रिजरेटर हरियाणा में निर्मित हो रहे हैं।एनसीआर का लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र हरियाणा में आता है, जिससे प्रदेश को विशाल बाजार, कुशल मानव संसाधन और मजबूत औद्योगिक आधार का लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि सरकार उद्योगों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रस्ट-बेस्ड सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रही है और सब्सिडी के मामलों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ ईज ऑफ एक्सेस भी उपलब्ध
कार्यक्रम के दौरान निवेशकों ने हरियाणा सरकार के गुड गवर्नेंस, पारदर्शी, तेज और निर्णायक निर्णय लेने की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ ईज ऑफ एक्सेस भी उपलब्ध है, जिससे उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। उद्योगों को महज 7 दिनों में सब्सिडी का भुगतान हरियाणा की उद्योग हितैषी नीतियों और प्रभावी औद्योगिक व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा ने इन्वेस्टर-फ्रेंडली स्टेट, रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत की है। इसलिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास की संभावनाओं के कारण हरियाणा निवेश के लिए आकर्षक राज्य है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के मकरंद पांडुरंग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सारवान, चीफ़ कॉर्डिनेटर श्री सुनील शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


