भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के प्रत्येक जिले से उभरते रचनाकारों की पहचान, प्रोत्साहन और उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘जेम्स ऑफ इंडिया’ नामक राष्ट्रीय पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों, युवाओं और डिजिटल रचनाकारों को अपने जिलों की विशिष्ट पहचान, कहानियों, परंपराओं, उपलब्धियों और अन्य विशेषताओं को मौलिक डिजिटल कहानी-वाचन के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह पहल मंत्रालय द्वारा प्रसार भारती के माध्यम से लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत WAVES OTT के MyWAVES सेक्शन को रचनाकारों के पंजीकरण और प्रविष्टियां जमा करने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल मंच के रूप में उपयोग किया जाएगा। WAVES OTT एप्लिकेशन को Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड किया जा सकता है।
‘जेम्स ऑफ इंडिया’ का पायलट चरण 21 जुलाई 2026 को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, गोवा तथा लद्दाख सहित चयनित पायलट राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया। पायलट चरण के लिए प्रविष्टियां जमा करने की अवधि 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक है। इस अवधि के दौरान पात्र प्रतिभागी अपना original content जमा कर सकते हैं। इस पहल को देश के सभी जिलों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की परिकल्पना की गई है। इसके अंतर्गत लगभग 50 लाख नागरिकों एवं उभरते रचनाकारों की भागीदारी तथा जनसंख्या के आधार पर प्रत्येक जिले से लगभग 500 से 15,000 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त होने का अनुमान है। विभिन्न स्तरों पर लगभग 15,000 पुरस्कार प्रदान किए जाने की भी परिकल्पना है।
नागरिक, युवा और उभरते डिजिटल रचनाकार WAVES OTT एप्लिकेशन डाउनलोड करके मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद MyWAVES सेक्शन में Creator Profile बनाकर ‘Gems of India’ कार्यक्रम का चयन करते हुए निर्धारित विवरण के साथ अपने orginal content को अपलोड किया जा सकता है। प्रतिभागी अपने जिले की किसी भी विशिष्ट विशेषता, कहानी या उपलब्धि को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। इनमें स्थानीय संस्कृति एवं विरासत, पर्यटन स्थल, लोक परंपराएं एवं प्रदर्शन कलाएं, हस्तशिल्प एवं हथकरघा, स्थानीय व्यंजन, त्योहार, मौखिक परंपराएं, प्रकृति एवं इको-टूरिज्म, ऐतिहासिक स्थल एवं स्मारक, प्रेरणादायी स्थानीय व्यक्तित्व, नवाचार तथा जिले की अन्य विशिष्ट विशेषताएं शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से प्रामाणिक और प्रभावशाली कहानी-वाचन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि कम चर्चित स्थानों, लोगों और परंपराओं को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया जा सके। सामग्री शॉर्ट वीडियो, रील, डॉक्यूमेंट्री, पॉडकास्ट और व्लॉग जैसे प्रारूपों में 1 से 3 मिनट की अवधि में प्रस्तुत की जा सकती है। फाइल का आकार 2 MB से 6 GB तक निर्धारित किया गया है।
उत्कृष्ट प्रविष्टियों को जिला, राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा और कुल पुरस्कार राशि 5 लाख रुपये तक होगी। जिला स्तर पर भागीदारी के आधार पर प्रत्येक जिले में अधिकतम 20 पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक पुरस्कार की राशि 50,000 रुपये होगी। राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर जिलों से चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियां प्रतिस्पर्धा करेंगी और प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के लिए 2 लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित है। राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियां 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार के लिए पात्र होंगी, जिसमें प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश से अधिकतम चार राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाएंगे।
पुरस्कार राशि के अतिरिक्त चयनित रचनाकारों को देशव्यापी पहचान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उत्कृष्ट सामग्री को MyWAVES, WAVES OTT, दूरदर्शन, आकाशवाणी तथा प्रसार भारती के अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया जाएगा।
इस पहल के लिए बहु-स्तरीय कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन व्यवस्था बनाई गई है। राष्ट्रीय स्तर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नीति संबंधी मार्गदर्शन और निगरानी प्रदान करेगा, जबकि प्रसार भारती समग्र कार्यान्वयन एवं सामग्री के क्यूरेशन की जिम्मेदारी निभाएगा। राज्य सरकारें राज्य नोडल अधिकारियों को नामित करेंगी तथा राज्य स्तरीय ज्यूरी समितियों का गठन करेंगी। जिला प्रशासन जिला स्तर पर नोडल प्राधिकरण के रूप में कार्य करते हुए जिला स्तरीय ज्यूरी समितियों का गठन करेगा। My Bharat युवाओं के स्वयंसेवकों और रचनाकार समुदायों को इस पहल से जोड़ने में सहयोग करेगा। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जिला ज्यूरी द्वारा मूल्यांकन सितंबर 2026 में, राज्य ज्यूरी द्वारा मूल्यांकन अक्टूबर 2026 के मध्य तक तथा पुरस्कार एवं राष्ट्रीय प्रदर्शन अक्टूबर 2026 में आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।
‘जेम्स ऑफ इंडिया’ को केवल एक content प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि जिला स्तर पर एक व्यापक और विस्तार योग्य रचनाकार इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य भारत के प्रत्येक जिले की प्रामाणिक डिजिटल सामग्री का एक व्यापक राष्ट्रीय भंडार तैयार करना है। उभरते रचनाकारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करके यह पहल स्थानीय पर्यटन, पारंपरिक शिल्प, कला रूपों, व्यंजनों, सांस्कृतिक परंपराओं और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की विविध स्थानीय पहचान के डिजिटल दस्तावेजीकरण को मजबूत करेगी।
पायलट राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों, जिसमें चंडीगढ़ भी शामिल है, के नागरिकों, युवाओं और उभरते रचनाकारों से अपील की गई है कि वे 31 अगस्त तक उपलब्ध शेष समय का उपयोग करते हुए इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से उन कहानियों को देश के सामने लाएं, जो उनके जिले को विशिष्ट बनाती हैं।


