वैष्णव ने बताया कि बीरपुर से सेरोनी रोड (37 किमी) और सेरोनी रोड से श्योपुर कलां (33 किमी) तक के अगले खंड का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ग्वालियर-श्योपुर कलां रेलवे लाइन अगले कुछ महीनों में तैयार हो जाएगी और यात्रियों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को आपस में जोड़ेगी और मध्य प्रदेश में रेल अवसंरचना के विकास में योगदान देगी।
श्री वैष्णव ने मध्य प्रदेश में रेल विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के लिए रेल बजट वर्ष 2009-14 के 632 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2026-27 में लगभग 24 गुना की वृद्धि के साथ 15,188 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं। राज्य में 80 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, राज्य को आपस में जोड़ने वाली पांच वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और सात अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जा रही हैं।
श्री वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में कई नई प्रमुख परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें मनमाड-इंदौर नई लाइन और राज्य भर में कई तीसरी और चौथी लाइन की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश से संबंधित स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 64,512 करोड़ रुपये है।
श्री वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 से रेलवे में 5.54 लाख से अधिक लोगों की भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण और आधुनिकीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं, विद्युतीकरण से भारतीय रेलवे की डीजल पर निर्भरता कम हुई है और आयातित ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है।
श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है उन्होंने कैलारस से बीरपुर तक रेलवे लाइन के विस्तार को इस क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा, ग्वालियर, बामोर, सुमाओली, जौरा और कैलारस से बीरपुर तक विस्तारित हो रही है और आगे इसका विस्तार श्योपुर और अंततः कोटा तक किया जाएगा।
श्री सिंधिया ने इस बात पर बल दिया कि रेलवे लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आधुनिक सेवाओं तक पहुंच भी सुगम होगी। उन्होंने कहा कि बीरपुर तक विस्तार से कैलारस, सबलगढ़, रामपहाड़ी, विजयपुर और बीरपुर के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैलारस खंड वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 10,000 लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करता है, लेकिन विस्तार से रेलवे की पहुंच और बढ़ेगी और अधिक आबादी को लाभ होगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इंदौर-मनमाड नई लाइन सहित मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से नए मार्ग खुलेंगे और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र तथा मालवा के बीच संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से एक नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास होगा और पर्यटन तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलेगा।
डॉ. मोहन यादव ने उद्योगों और रोजगार के विकास के लिए रेल संपर्क की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने बैटरी ऊर्जा भंडारण, जूते, हाइड्रोजन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की क्षमता को उजागर करते हुए कहा कि बेहतर रेल संपर्क से इन उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर से शिवपुरी और श्योपुर की ओर रेल संपर्क का विस्तार ग्वालियर और आसपास के क्षेत्र के विकास को एक नया आयाम देगा । उन्होंने कहा कि राज्य भर में चल रहे रेलवे लाइनों के दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौगुनीकरण के कार्य से संपर्क और मजबूत होगा।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर और मुरैना से सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थें।


