एस्टेट ऑफिस, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा 7 जुलाई 2025 से ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली सफलतापूर्वक शुरू की गई थी। यह महत्वपूर्ण ई-गवर्नेंस सुधार म्यूटेशन प्रक्रिया को अलग से आवेदन करने वाली सेवा से बदलकर पंजीकरण के बाद स्वतः संचालित होने वाली डिजिटल प्रक्रिया में परिवर्तित करता है। इससे नागरिकों के लिए सुविधा में वृद्धि हुई है तथा संपत्ति संबंधी सेवाओं को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया गया है।
नई प्रणाली के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति विलेख के पंजीकरण के बाद संबंधित जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से स्वतः एस्टेट ऑफिस को भेजी जाती है। इसके बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया बैकएंड पर डिजिटल रूप से पूरी की जाती है। इससे संपत्ति मालिकों को अलग से म्यूटेशन के लिए आवेदन करने या एस्टेट ऑफिस जाने की आवश्यकता नहीं रहती।
ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली के तहत म्यूटेशन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पेपरलेस है। इसमें अलग से म्यूटेशन आवेदन, फॉर्म तथा दस्तावेजों को बार-बार जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। यह पूरी तरह फेसलेस सेवा है और इसके लिए एस्टेट ऑफिस में किसी भौतिक दौरे की आवश्यकता नहीं है। स्वचालित डेटा आदान-प्रदान से एजेंटों एवं बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हुई है। एसएमएस आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से रियल-टाइम पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। निर्धारित समय-सीमा के अनुसार लीजहोल्ड संपत्तियों का म्यूटेशन दो कार्य दिवसों तथा फ्रीहोल्ड संपत्तियों का म्यूटेशन सात कार्य दिवसों में किया जाता है।
7 जुलाई 2025 को शुरू होने के बाद से अब तक कुल 1,829 म्यूटेशन मामलों की प्राप्ति हुई है। इनमें से लगभग 1,800 मामलों का पंजीकरण के सात दिनों के भीतर निपटारा किया जा चुका है। शेष 29 मामले निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रियाधीन हैं। आवेदकों को एस्टेट ऑफिस में किसी भी भौतिक दौरे की आवश्यकता नहीं पड़ी है।
ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली ने नागरिकों के प्रत्यक्ष संपर्क, कागजी कार्रवाई, प्रक्रियागत देरी तथा प्रशासनिक विवेकाधिकार को काफी हद तक कम किया है और संपत्ति स्वामित्व अभिलेखों को तेजी से अपडेट करने में सहायता की है। यह पहल फेसलेस, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा चंडीगढ़ प्रशासन की Ease of Living और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करती है।


