हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण और शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने शनिवार को राजकीय महिला महाविद्यालय, बसताड़ा (करनाल) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों ने महाविद्यालय की छात्राओं से करीब एक घंटे तक संवाद किया और कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं, समस्याओं तथा आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों और सुविधाओं को लेकर सुझाव भी लिए।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार कर रही है और नई शिक्षा प्रणाली के तहत विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक गांव में लाइब्रेरी खोलने की दिशा में कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी विशेष रूप से उपयोगी साबित होंगी, जहां वे शांत एवं एकाग्र वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कंपनियों के साथ लगभग 2,000 एमओयू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा पूरी करने के बाद बेहतर प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे और उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण ने छात्राओं से संवाद करते हुए लाइब्रेरी के उपयोग के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि कितने विद्यार्थी लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि घर पर कई बार विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक वातावरण नहीं मिल पाता, ऐसे में लाइब्रेरी विद्यार्थियों को एकाग्र होकर अध्ययन करने का बेहतर अवसर प्रदान करती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छात्राओं के साथ संवाद के दौरान अनेक उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए हैं। सरकार धरातल पर विद्यार्थियों की आवश्यकताओं और सुझावों को ध्यान में रखते हुए नीतियां तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से सीधे प्राप्त होने वाले सुझावों के आधार पर किए गए कार्यों के बेहतर परिणाम सामने आते हैं।


