हरियाणा लोक भवन में आज पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस बड़े उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, फर्स्ट लेडी श्रीमती मित्रा घोष, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी तथा हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंद्र सिंह कल्याण एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेशमा कल्याण, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने सभी उपस्थित जनों को पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक चेतना का एक सशक्त केंद्र रहा है। पश्चिम बंगाल के लोग अपनी समृद्ध विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को अपने हृदय में संजोए रखते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बंगाल ने भारत के पुनर्जागरण में केवल भाग ही नहीं लिया, बल्कि उसका नेतृत्व भी किया। समाज सुधार, शिक्षा, साहित्य, कला, विज्ञान और स्वतंत्रता संग्राम के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि इस भूमि ने ऐसे महान व्यक्तित्व दिए, जिन्होंने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को नई दिशा प्रदान की।
राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, संगीत, कला, हस्तशिल्प और लोक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि विविधताओं से भरे भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक एकता में निहित है और ऐसे आयोजन “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने की परिकल्पना का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जाता है, जिन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त बनाने के लिए इस अभिनव पहल की शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं, भाषा, कला और विरासत को जानने एवं समझने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और राष्ट्रीय जीवन को समृद्ध बनाने में पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण योगदान पर भी प्रकाश डाला।


