मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पश्चिम बंगाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि उस महान भूमि को नमन करने का दिन है जिसने भारत को सोचना सिखाया, जागना सिखाया और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना सिखाया। उन्होंने कहा कि यही वह भूमि है गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर दिए जिनके शब्दों ने राष्ट्र की आत्मा को जगाया। जिसने स्वामी विवेकानंद जैसे महान संत को जन्म दिया, जिनके ओजस्वी विचारों और ऐतिहासिक संबोधन ने पूरी दुनिया में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यही वह भूमि है जिसने नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे अद्वितीय स्वतंत्रता सेनानी दिए, जिनका आह्वान—“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा”—आज भी देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार करता है। उन्होंने कहा कि श्री रामकृष्ण परमहंस दिए जिनकी कृपा से बंगाल अध्यात्म की राजधानी बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल ने भारत के नवजागरण में केवल भागीदारी ही नहीं की, बल्कि उसका नेतृत्व भी किया। साहित्य, कला, शिक्षा, समाज सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल का योगदान अतुलनीय रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भारत आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पश्चिम बंगाल, जिसकी पहचान समृद्ध बौद्धिक विरासत, ऊर्जावान युवा शक्ति, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और सांस्कृतिक समृद्धि से है, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि बंगाल ‘पूर्वोदय’ का केंद्र बने और पूर्वी भारत के विकास का इंजन बने। यह सपना तभी साकार होगा जब हम अपनी पारंपरिक शक्तियों को नवाचार, उद्यमशीलता और नई सोच के साथ जोड़ते हुए विकास की नई संभावनाओं को साकार करेंगे।
समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मिष्टी अड्डा के कलाकारों एवं पंडित सुभाष घोष की टीम ने पारंपरिक लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पश्चिम बंगाल की गौरवशाली संस्कृति की झलक पेश की, जिसकी उपस्थित अतिथियों ने सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री सौरभ सिंह, राज्यपाल के सचिव श्री विजयकुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के परिसहाय श्री धीरज सेतिया सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।


